विशेष न्यायाधीश पॉक्सो प्रथम राम अवतार प्रसाद की अदालत ने बृहस्पतिवार को सामूहिक दुष्कर्म के दो दोषियों को 20 साल कारावास की सजा सुनाई। दोनों पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। कोर्ट ने अर्थदंड की 50 प्रतिशत राशि पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
अभियोजन के अनुसार, करंडा थाने के एक गांव की महिला ने 25 फरवरी 2021 को तहरीर दी थी। बताया था उसकी नाबालिग पुत्री आलू बीनने खेत में गई थी। दूसरे दिन 26 फरवरी 2021 की शाम को घर में बैठकर रो रही थी। वजह पूछने पर उसने बताया कि गांव के ही प्रमोद बिंद से उसकी दोस्ती थी।
25 फरवरी 2021 की शाम 6 बजे प्रमोद सिवान में मिला था। प्रमोद अरहर की खेत में ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया।
वह खेत से बाहर आई तो गांव के सुरेंद्र और एक किशोर ने घेर लिया और जबरदस्ती खेत में ले जाकर दोनों ने बारी- बारी उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां की तहरीर पर पुलिस ने 27 फरवरी 2021 को मामले में मुकदमा दर्ज किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र पेश किया गया।
विचारण न्यायालय ने किशोर आरोपी की पत्रवाली विचारण के लिए 19 जनवरी 2023 को किशोर न्यायालय में भेज दिया।
शेष दो आरोपी प्रमोद और सुरेंद्र का विचारण न्यायालय में शुरू हुआ। अभियोजन ने सात गवाह पेश किए। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने प्रमोद और सुरेंद्र को दोषी पाया।