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Ghazipur News: ट्यूमर मार्कर से होगी कैंसर की जांच, डीएनए में परिवर्तन का पता भी चलेगा

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महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज में अब तक कैंसर संबंधित प्राथमिक जांच होती थी। अब ट्यूमर मार्कर जांच से कैंसर की कोशिकाओं और डीएनए के परिवर्तन का भी आसानी से पता लग सकेगा।
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यहीं नहीं कैंसर मरीज के उपचार से कितना फायदा हो रहा है, इसकी भी जानकारी मिल सकेगी। करीब पांच वर्षों में आठ हजार संदिग्धों की प्राथमिक जांच हुई है, जिसमें 200 कैंसर मरीज मिले हैं।
शहर और ग्रामीण इलाके ही नहीं आसपास के जनपदों से भी मरीज उपचार कराने मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे हैं। प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि प्रतिदिन ओपीडी का आंकड़ा 3500 से ऊपर है।
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यहीं नहीं आपातकक्ष में भी प्रतिदिन 100 से 150 मरीज उपचार को पहुंच रहे हैं। इसके अलावा प्रतिदिन विभिन्न बीमारियों से पीड़ित 200 मरीज भर्ती होकर उपचार करा रहे हैं। कैंसर की प्राथमिक जांच मेडिकल कॉलेज में हो रही है। पांच वर्ष में आठ हजार संदिग्धों ने जांच कराया है।
इसमें 200 मरीजों में कैंसर का लक्षण मिला था। ससमय से जांच होने और जानकारी मिलने से मरीजों ने अपना तत्काल उपचार शुरू करा दिया। ऐसे में इस जांच प्रक्रिया को और भी स़ुदृढ़ बनाने के लिए ट्यूमर मार्कर की जांच शुरू होगी। इससे शरीर के हार्मोन की जांच हो सकेगी।
यहीं नहीं कैंसर की कोशिकाओें और डीएनए में हो रहे परिवर्तन का सटीक पता चल सकेगा। यहीं नहीं कैंसर के ऐसे मरीज जिनका उपचार चल रहा है और उन्हें कितना लाभ मिल कर रहा है। इसका भी पता ट्यूमर मार्कर द्वारा आसानी से लगाया जा सकेगा।

ट्यूमर मार्कर जांच भी जल्द शुरू होगी। इसको लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसके जांच के शुरू होने से काफी कुछ हद तक जानकारी मिल सकेगी और मरीज जांच के आधार पर बेहतर उपचार करा सकेगा। -प्रोफेसर आनंद मिश्रा, प्राचार्य महर्षि विश्वामित्र स्वशासी राजकीय मेडिकल कॉलेज गाजीपुर

कैंसर के स्टेज का भी ट्यूमर मार्कर देता है जानकारी
प्राचार्य प्रोफेसर आनंद मिश्रा ने बताया कि डॉक्टर ट्यूमर मार्कर जांच इसलिए कराते हैं, जिससे शरीर में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी का पता चल सके। यहीं नहीं इस जांच के सहारे कैंसर के प्रकार का भी पता चलता है। इस जांच से यह पता चलता है कि उपचार काम कर रहा है या नहीं और कैंसर वापस तो नहीं आ रहा। कैंसर का कौन सा स्टेज है। यह समझने में मदद करता है। यहीं नहीं प्रोस्टेट कैंसर के अलावा लीवर कैंसर की जानकारी इस जांच से मिलती है।
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