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Ghazipur News: मुख्तार के करीबी भगोड़ा चेयरमैन की बढ़ेंगी मुश्किलें

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गाजीपुर। मुख्तार अंसारी का करीबी व बहादुरगंज नगर पंचायत अध्यक्ष रियाज अंसारी की मुश्किलें और भी बढ़ेंगी। भगोड़ा घोषित होने के बाद नगर पंचायत अध्यक्ष की उन संपत्तियों को पुलिस-प्रशासन खोजने में लगा है, जो पद का दुरुपयोग कर अर्जित की गई हैं। कुछ तथ्य भी पुलिस के हाथ लगे हैं, जिसके आधार पर पुलिस कार्रवाई में लगी है। पुलिस ने 25 हजार रूपये का इनाम घोषित करने के दूसरे दिन उसके कार्यालय पर बुलडोजर चलवाया था। जांच में अब तक यह सामने आया है कि अंतरप्रांतीय गैंग नंबर 191 के माफिया सरगना मुख्तार अंसारी के प्रमुख सहयोगी रियाज अंसारी ने अपने पद का दुरुपयोग किया। अपनी पत्नी निकहत परवीन की जमीन पर बहादुरगंज स्थित मौजा अब्दुलपुर में 760 वर्ग फुट भूमि में बिना निर्माण मानचित्र स्वीकृत कराने के बाद अवैध निर्माण किया। अपनी पत्नी व बहादुरगंज नगर पंचायत की पूर्व चेयरमैन निकहत परवीन को फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी दिलाई। हालांकि वह इस मामले जमानत पर है। वहीं, पुलिस ने इस मामले में रियाज अंसारी की गिरफ्तारी के लिए कई बार दबिश दी, यहां तक कि दो दिसंबर को न्यायालय के आदेश पर इन सभी के मकानों एवं सार्वजनिक स्थानों पर धारा 82 का नोटिस चस्पा किया और दो दिन पहले चेयरमैन रियाज अंसारी और उसके तीन सहयोगी को भगोड़ा घोषित कर पुलिस ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। साथ ही इनकी संपत्तियों का ब्योरा खंगालने में जुट गई है, जिससे निर्धारित समय के अंदर पेश न होने पर कुर्की की कार्रवाई की जा सके। करीब एक सप्ताह पहले रियाज अंसारी के खिलाफ पुलिस ने भूमि पर जबरदस्ती कब्जा करके निर्माण कराने के मामले में मुकदमा दर्ज किया था। इस तरह कुल पांच मुकदमे हो चुके हैं, जिसे पुलिस गंभीरता से लेकर कार्रवाई में जुटी हुई है। इस बाबत पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह का कहना है कि वर्तमान चेयरमैन भगोड़ा घोषित हो चुका है। उसके खिलाफ धारा 82 की भी कार्रवाई हो चुकी है। उसपर इनाम भी घोषित है। अभी अन्य कुछ तथ्य भी प्रकाश में आए हैं। शीघ्र ही प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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