तिरंगा झंड़ा बनातीं समूह की एक महिला।
- फोटो : एनआरएलएम विभाग
गाजीपुर। स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त को है। जश्न-ए-आजादी के मौके पर आधी आबादी के हाथों बने तिरंगे सरकारी प्रतिष्ठानों पर फहरते हुए नजर आएंगे। तिरंगा बनाने में समूह की महिलाएं जुटीं हैं। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के मिशन प्रबंधक परितोष पांडेय ने बताया कि एनआरएलएम की ओर से गठित समूह की महिलाओं को तिरंगा झंडा बनाने का कार्य सौंपा गया है। जनपद में 61 समूह की ओर से तिरंगा झंडा बनाने का कार्य किया जा रहा है। तिरंगा झंडा तैयार करने में 570 महिलाएं जुटीं हैं। झंडा बनाने का कार्य 4 अगस्त से शुरू है। 4 दिनों में 1 लाख झंडे बनकर तैयार हो चुका है। समूह की महिलाओं को 2 लाख तिरंगा झंडा बनाने का लक्ष्य दिया गया है। जिस रफ्तार से तिरंगा झंडा बन रहा है, उसको देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि लक्ष्य जल्द ही पूरा हो जाएगा। 13 अगस्त तक लक्ष्य पूरा करने का समय निर्धारित किया गया है। प्रति झंडा 20 रुपये की दर से बिक्री की जाएगी। कलेक्ट्रेट, शैक्षणिक संस्थान समेत विभिन्न सरकारी विभागों में समूह की ओर से बना तिरंगा झंडा 15 अगस्त को फहरता हुआ नजर आएगा।
महिला स्वावलंबन का संदेश-गाजीपुर। 15 अगस्त यानि जश्न-ए-आजादी के मौके पर एक तरह से समूह के झंडों को फहराकर महिला स्वावलंबन का संदेश भी दिया जाएगा। समूहों का गठन महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए किया जाता है। विशेष रूप से ग्रामीण परिवेश की महिलाओं के लिए। वहीं तिरंगा बनाने में कॉटन या पॉलिस्टर के कपड़े का प्रयोग होगा। सभी ब्लॉक मिशन मैनेजर (बीएमएम) को माॅनीटरिंग के लिए लगाया गया है। उनसे रोजाना रिपोर्ट भी ली जा रही है।