अपर सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक कोर्ट) रूपेश रंजन की अदालत में कुंडेसर चट्टी हत्याकांड के आरोपी त्रिभुवन सिंह को सोमवार को पेश किया गया। जबकि इस मामले के एक अन्य आरोपी बृजेश सिंह को पेश नहीं किया जा सका।
इसके चलते साक्ष्य की कार्रवाई नहीं हो सकी। अदालत ने साक्ष्य के लिए 23 जनवरी की तिथि मुकर्रर करते हुए आरोपियों को पेश करने का निर्देश दिया। साथ ही सेंट्रल जेल वाराणसी के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का आदेश दिया है।
भांवरकोल थाना क्षेत्र के कुंडेसर चट्टी पर करीब 24 वर्ष पहले हुए तिहरे हत्याकांड के मामले में उच्च न्यायालय के आदेश के तहत त्वरित गति से विचारण किया जा रहा है। इसके चलते दोनों आरोपियों को तलब किया गया था
लेकिन बृजेश सिंह को पेश न किए जाने के कारण साक्ष्य की कार्रवाई नहीं हो सकी। सेंट्रल जेल वाराणसी से आख्या भेजी गई कि बृजेश की तबीयत खराब है। जबकि पीलीभीत जेल से त्रिभुवन को कड़ी सुरक्षा के बीच दिन में पेश
किया गया। अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए सेंट्रल जेल वाराणसी के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है। आरोपी बृजेश सिंह को किसी भी परिस्थिति में नियत तिथि
पर पेश करने का निर्देश दिया है। पीलीभीत जेल से आरोपी त्रिभुवन को नियत तिथि पर पेश करने में समस्याओं को देखते हुए अदालत ने डीजीपी उत्तर प्रदेश को पत्र लिखा है कि आरोपी त्रिभुवन को गाजीपुर जिले के आसपास किसी
भी जेल में रखा जाए ताकि उच्च न्यायालय के आदेश के अनुपालन में तीन महीने के अंदर मुकदमे का निस्तारण किया जा सके। तब तक रखा जाए जब तक कि मुकदमे का निस्तारण न हो जाए।