गाजीपुर। दुकानदार की जानकारी के बिना ही उसके जीएसटी नंबर पर 113.65 करोड़ का लेनदेन करने का मामला प्रकाश में आया है। जीएसटी अधिकारी के पहुंचने पर दुकानदार को मामले की जानकारी हुई। न्यायालय के आदेश पर पीड़ित दुकानदार की तहरीर पर पुलिस ने आठ अक्तूबर को सीए सहित तीन के खिलाफ मुकदमा दर्जकर छानबीन शुरू कर दी। शहर कोतवाली के हाथीखाना निवासी अजीत कुमार ने बताया कि आदर्श गांव में कपड़े की उनकी एक छोटी दुकान है। उन्होंने जीएसटी का रजिस्ट्रेशन भी कराया हुआ था। इसकी देखरेख चार्टर्ड अकाउंटेंट गौरव गुप्ता कर रहे थे। बैंक से लोन के लिए जीएसटी नंबर लिया था। पीड़ित दुकानदार ने बताया कि सीए गौरव गुप्ता ने मैनपुर गांव के रहने वाले चंदन सिंह से संपर्क कराया। फिर उसने अपने परिचित बैंक मैनेजर विनोद कुमार से मिलवाया। इन दोनों ने 2024 में लोन दिलाने के लिए सारे पेपर ले लिए थे। कागजात के सत्यापन के लिए जीएसटी का यूजर आईडी और जीएसटी पासवर्ड भी मांगा। अजीत ने अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट से बात कराकर उन्हें 18 नवंबर 2024 को उपलब्ध करा दिया। इसी दौरान 16 अप्रैल को सीए गौरव गुप्ता ने बताया कि उसके जीएसटी से काफी बड़ी बिलिंग हुई है। उसके कुछ दिन बाद 23 मई को राज्य कर विभाग जीएसटी के अधिकारी पहुंचे और बताया कि उसके जीएसटी नंबर से 113.65 करोड़ का आउटवार्ड सप्लाई बाहर की फर्मों में किया गया है। अधिकारियों से ही जानकारी हुई कि उसके यूजर का आईडी और पासवर्ड का ईमेल बदलकर लेनदेन की प्रक्रिया की गई है। इसके बाद पीड़ित ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर पीड़ित की तहरीर के अनुसार सीए गौरव गुप्ता, चंदन सिंह, बैंक प्रबंधक विनोद के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की छानबीन की जा रही है।