लहुरी काशी के नाम से प्रसिद्ध जनपद के शहरी इलाके में यातायात को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक लाइटें भी नहीं हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए वाहन फर्राटा भरते हैं।
जबकि 66 यातायात कर्मियों की तैनाती है। लेकिन, वीवीआईपी ड्यूटी और अन्य जनपदों में लगने वाले प्रमुख आयोजनों में ड्यूटी लगने से इनकी संख्या आधी हो जाती है। स्थिति यह है कि प्रतिदिन 28 से 29 यातायात कर्मियों की ड्यूटी लगती है। बावजूद इसके जाम में राहगीरों को घंटों जूझना पड़ता है। तहसीलों पर इन कर्मियों की तैनाती न होने से यातायात का सुगम संचालन नहीं हो पाता।
नगर क्षेत्र की प्रमुख सड़कों की पटरियों पर अवैध अतिक्रमण और कई जगह संकरे हो चुके मार्ग पर जाम से जूझ रहे लोगों को राहत देने के लिए कर्मियों की तैनाती की गई है। स्थिति यह है कि सिटी रेलवे स्टेशन, लंका, रौजा, जमानिया तिराहा, गोराबाजार, भुतहियाटांड, कचहरी सहित अन्य इलाकों में जाम की समस्या आए दिन बनी रहती है।
इसमें कुछ स्थानों पर यातायात कर्मी तो तैनात रहते हैं, लेकिन प्रमुख बाजारों में इनकी तैनाती न होने की स्थिति में लोगों को घंटों जाम की समस्या से जुझना पड़ता है। हालांकि होम गार्ड के जवानों की ड्यूटी तो लगाई जाती है, बावजूद स्थिति जस की तस बनी रहती है।
यातायात प्रभारी मनीष त्रिपाठी ने बताया कि ट्रैफिक लाइट्स नहीं लगी हुई है। यातायात कर्मी प्रतिदिन नगर में आवागमन सुचारु करने के लिए जगह-जगह तैनात रहते हैं।