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यातायात सप्ताह ! वाहन चेकिंग व चालान तक सिमट गया अभ्रियान

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लंका बस स्टैंड के पास सड़क किनारे खड़े रहते हैं दर्जनों टेंपो, राहगीरों को परेशानी। - फोटो : GHAZIPUR
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गाजीपुर। हर साल चलने वाला यातायात सप्ताह विभागीय अधिकारियों की उदासीनता के कारण अपने मूल उद्देश्य से भटक गया है। जनपद में केवल वाहन चेकिंग और चालन तक इसका कोरम पूरा किया जा रहा है। इस सप्ताह में यातायात के प्रति लोगों को जागरूक करने का खोखला दावा भले ही अधिकारी कर रहे हैं, लेकिन यह अभियान धरातल पर नहीं दिखाई दे रहा है। यही नहीं खटारा वाहनों पर परिवहन विभाग की ओर से शिकंजा तो कसा जा रहा है, लेकिन कोतवाली और थाना परिसरों में जगह नहीं होने से सीज करने के बजाए चालान काटकर छोड़ दिया जा रहा है और कार्रवाई कर राजस्व वसूली का आंकड़ा उच्चाधिकारियों के सामने पेश किया जाता है। यातायात सप्ताह के दौरान प्रत्येक चट्टी-चौराहों एवं शहर के बीच सड़कों पर पुलिस उतरने के साथ ही वाहन चेकिंग का काम करती है। एआरटीओ विभाग भी यातायात पुलिस के साथ मिलकर चालान व राजस्व वसूली का काम करते हैं। हर साल की टीम सिर्फ नगर के विभिन्न चौराहों पर खड़ा होकर राजस्व वसूली और टारगेट पूरा करने के लिए कागजात और बिना हेलमेट चालान तक सिमट गई है। यही नहीं विभिन्न थानों पर तैनात पुलिस टीम भी सिर्फ कागजात, तीन सवारी और हेलमेट के चक्कर में ही उलझी रहती है, ऐसे में यातायात के नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने की स्थिति जस की तस बनी हुई है। जबकि अभी तक जिले में रफ्तार नियंत्रण को लेकर कोई ठोस कदम ही नहीं उठाया गया है। सड़कों पर तेज रफ्तार फर्राटा भर रहे वाहनों की चाल को नियंत्रित करने को लेकर अब तक न तो पुलिस और न ही परिवहन विभाग ने कोई सार्थक कदम उठाया है। ऐसे में सड़क दुर्घटना की संभावना प्रबल हो जाती है।
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