सादात। टांडा गांव के पास उदंती नदी पर बने पुल का उत्तर-पूर्व का किनारा फटकर धंस गया है। कुछ हिस्से की रेलिंग भी टूट गई है। खतरा होने के बाद भी कई महीनों तक छोटे-बड़े वाहन और लोग आते-जाते रहे।
इससे नाराज होकर टांडा गांव के निवासी पूर्व प्रधानाध्यापक हरदेव राम ने विभाग को धरना-प्रदर्शन करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद मौके पर आए जेई ने पुल की स्थिति देखी और किसी घटना की आशंका के मद्देनजर इसकी रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को दी। उच्च अधिकारियों ने इस पुल पर तत्काल आवागमन रोकने और इसकी मरम्मत कराने का निर्देश दिया। इस पुल से होकर बहरियाबाद, सादात, शादियाबाद, हंसराजपुर और गाजीपुर के लिए बसें चलती हैं।
आवागमन की दृष्टि से यह बहुत ही व्यस्त पुल है। इस पुल पर विभाग की तरफ से बुधवार से आवागमन रोक दिया गया। आने-जाने वाले वाहनों और लोगों को बदले हुए मार्ग से अपनी यात्रा पूरी करने को कहा गया। विभागीय सूत्रों के मुताबिक यह प्रतिबंध डेढ़ महीने तक लागू रहेगा। इस पुल पर आवागमन रोकने से क्षेत्रीय लोगों को दस किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।
कर्मनाशा पुल के तीन एक्सपेंशन ज्वाइंट पर की गई मास्टिंग
बारा। यूपी-बिहार को जोड़ने वाले कर्मनाशा पुल के तीन एक्सपेंशन ज्वाइंट की खुली सील को मास्टिंग से भरने के साथ ही रिफ्लेक्टर लाइट लगाने का कार्य मंगलवार को शुरू किया गया। एक सप्ताह पहले एनएचएआई के अधिकारियों ने पुल पर हुए मरम्मत कार्यों की जांच की थी। निजी कार्यदायी संस्था की ओर से कार्य शुरू कराया गया।
यूपी-बिहार को जोड़ने वाले नेशनल हाईवे 124 - सी पर स्थित कर्मनाशा पुल की मरम्मत बीते वर्ष अक्तूबर में की गई थी। पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट, बेयरिंग, रेलिंग एवं सड़क का कार्य बरेली की एएम बिल्डर्स कंपनी ने किया था। पिछले सप्ताह एनएचएआई के अधिकारियों ने पुल पर हुए मरम्मत कार्यों की जांच की थी। अधिकारियों की जांच में पुल के एक्सपेंशन ज्वाइंट के सील खुले मिले। इसके अलावा पुल पर रिफलेक्टर लाइट भी नहीं लगे थे।
विभागीय अधिकारियों की ओर से कंपनी के अधिकारियों को जानकारी दी गई। जिस पर कंपनी के अधिकारियों ने इंजीनियरों के साथ कर्मचारियों को पुल पर भेजा। इसके बाद पुल पर साफ - सफाई कराने के बाद इंजीनियरों की देखरेख में एक्सपेंशन ज्वाइंट पर खुले हुए सील की मास्टिंग से भराई कराने का काम शुरू करा दिया गया। कंपनी के इंजीनियर रेहान ने बताया कि पुल के तीन एक्सपेंशन ज्वाइंट पर सील खुले थे। इसकी मास्टिंग से भराई कराई जा रही है। इसके अलावा पुल पर रिफलेक्टर लाइट भी लगाई गई। हालांकि कार्य से पुल पर वाहनों के आवागमन पर कोई असर नहीं पड़ रहा है। तीन दिन में कार्य पूरा कर लिया जाएगा।