जिले के 62 न्यूपीएचसी और स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर रविवार को जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। इसमें करीब 1800 मरीजों ने उपचार कराया। कहीं फार्मासिस्ट तो कहीं टेक्नीशियन के सहारे संपन्न कराया गया। यहीं नहीं विशेषज्ञों की कमी और जांच की सुविधा न मिलने से लोग आरोग्य मेले में जाना बंद कर दिए हैं।
शहर ही नहीं ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बेहतर चिकित्सकीय स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और सप्ताह में एक दिन उपचार के लिए आरोग्य मेले का आयोजन होता है।
स्थिति यह थी कि गहमर न्यूपीएचसी पर जहां डॉक्टर नहीं थे। वहीं मरीजों को स्वास्थ्य कर्मी दवा देने में जुटे हुए थे। देवल पीएचसी पर फार्मासिस्ट और बारा में टेक्नीशियन के सहारे मेले का आयोजन किया गया। कमोवेश यही हाल अन्य केंद्रों पर भी रहा।
जहां डाॅक्टर हैं, वहां भी सिर्फ सर्दी- जुकाम से संबंधित मरीजाें का ही उपचार हो रहा था। नंदगंज के नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर आरोग्य मेले में मेडिकल ऑफिसर डाॅ. शालिनी भाष्कर ने 59 मरीजों को परामर्श दिया।
सीएमओ डा. एसके पांडेय ने बताया कि मेले के सफल संचालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। ऐसे कर्मियों को चिह्नित करने का कार्य किया जाएगा।