गाजीपुर। जिले में यातायात नियमों का पालन कराने के लिए प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की खासी कमी है। जिले में प्रभारी निरीक्षक समेत 17 यातायात पलिसकर्मी शहर के यातायात को संभाल रहे। ऐसे में महकमा रोजाना समस्या से दो चार हो रहा है। यही कारण है कि सर्किल स्तर की यातायात व्यवस्था को गति नहीं मिल पा रही है। स्थिति तो यह है कि नगर क्षेत्र को छोड़ दिया जाए तो सैदपुर, कासिमाबाद और जमानिया में यातायात पुलिस की तैनाती नहीं है। यहां जाम से जूझना लोगों की नियति बन गई है। जिले की यातायात व्यवस्था के लिए एक प्रभारी निरीक्षक, एक एचसीपी, पांच हेड कांस्टेबल, तीन मुंशी व सात कांस्टेबल की तैनाती है। इसमें भी माह में दो बार वीआईपी ड्यूटी के दौरान यातायात पुलिस की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में आठ से नौ दिन तक नगर की यातायात व्यवस्था सुचारू रखने में परेशानी होती है। जबकि वर्तमान समय में तीन हेड कांस्टेबल मकर संक्रांति मेले की ड्यूटी में भेजे गए हैं। ऐसे में यातायात व्यवस्था को सुचारू कर पाना चुनौती से कम नहीं है।
नगर में जाम की समस्या से लोग आए दिन जूझ रहे हैं। यातायात के नियमों का पालन करना भी महकमे के लिए टेढ़ी खीर साबित हो रहा है। वजह यातायात पुलिस टीम की कमी। यही कारण है कि नगर के साथ जिले की प्रमुख तीन तहसील जाम की समस्या से बेहाल हैं। यहां ऐसे प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की तैनाती नहीं हो सकी है, जो यातायात के नियमों का पालन कराने के साथ जाम की समस्या से मुक्ति दिला सकें। देखा जाए तो नगर में ही तैनात यातायात पुलिस टीम को जनपद के प्रमुख तहसीलों पर पहुंचकर यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करना पड़ता है और वहां जाम की समस्या जब उत्पन्न होती है तो स्थानीय पुलिस टीम को कमान संभालनी पड़ती है। ऐसे में जब तक यातायात पुलिस टीम की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होगी, लोगों को जाम की समस्या से छुटकारा मिल पाना संभव नहीं है।