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Ghazipur News: घरों को भाया तो किसानों को रुलाया टमाटर

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गाजीपुर/ मरदह। स्वाद का जायका बढ़ाने वाले टमाटर के मूल्य में गिरावट होने से भले आमजनों ने राहत मिली हो लेकिन इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति यह है कि लागत भी नहीं निकल पा रहा रहा है। सब्जी मंडी में टमाटर दो से तीन रुपये प्रति किलो बिकने से किसानों को भाड़ा भी नहीं मिल पा रहा है।
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कड़ाके के ठंड में टमाटर के पौधे को बचाने के लिए किसान दिन-रात लगे हुए हैं। बार-बार दवा का छिड़काव कर टमाटर और पौधों को बचाने में जुटे हुए हैं। जबकि वहीं टमाटर की कीमतों में गिरावट ने किसानों को परेशान कर रखा है। सब्जियों और दालों में टमाटर के उपयोग से स्वाद बढ़ जाता है। टमाटर के बिना सलाद भी अधूरा है।
ठंड के दिनों में टमाटर सूप की डिमांड रहती है और टमाटर सस्ता होने से हर घर में सूप बनाया जा रहा। ऐसे में आम लोगों को राहत मिल गई, लेकिन किसानों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। टमाटर की कीमतों से किसान बहुत दु:खी है।
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मंडी में टमाटर लेकर आए किसान ने बताया कि 14 बिस्वा टमाटर खेत में लगाए हैं, जिसमें करीबन बीस हजार रुपए से ज्यादा खर्च हो चुका है। सब्जी मंडी में इस समय टमाटर दो रुपये किलो बिक रहा, जिसके कारण मंडी में लाने तक का भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा। किसानों को लागत मूल्य निकालना मुश्किल हो रहा है।
लोगों को राहत मिली है लेकिन किसानों को नुकसान है। थोक सब्जी मंडी में दो और तीन रुपये किलो बिक रहे टमाटर से अब भाड़ा भी नहीं निकल पा रहा है। - दरोगा कुशवाहा
मटर के बाद अब टमाटर की कीमत किसानों को रुला रही है। लगातार टमाटर के दामों में कमी आ रही है। थोक मंडी में टमाटर दो से तीन रुपये किलो बिकने से लागत भी नहीं आ रही है।- रमेश पासवान
टमाटर के गिरते दाम में किसानों को लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा। किसान बड़ी मात्रा में टमाटर का उत्पादन करते हैं। किसान को मंडी में लाने का भाड़ा भी नहीं मिल पा रहा।- महेंद्र कुशवाहा
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टमाटर के दाम गिरने से किसानों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। भाव न मिलने से किसान टमाटर फेंककर जा रहे हैं।- संजय मौर्या
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