फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आधे अधूरे शौचालय निर्माण से नेवादा गांव ओडीएफ घोषित

विज्ञापन
ओडीएफ: बाराचवर ब्लाक के नेवादा गांव में शौचालय में रखा गया उपला। - फोटो : GHAZIPUR
विज्ञापन
दुबिहा। गांवों को खुले में शौचमुक्त करने के उद्देश्य से चला अभियान भ्रष्टाचर की भेंट चढ़ गया। स्थिति तो यह है कि शौचालय में न तो छत और न ही दरवाजा। अधिकांश शौचालय का निर्माण आधा-अधूरा हुआ, जिससे आज महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे खुले में शौच जाने को विवश हैं। शौचालय निर्माण के नाम पर यहां लाखों रुपये की बंदरबांट कर ली गई है। गांव में स्वच्छता अभियान के नाम पर लाखों रुपए के गड़बड़झाले की तस्वीर साफ दिखाई पड़ती है। यही हाल क्षेत्र के अन्य गांवों का भी है। वर्ष 2015-16 में स्वच्छ भारत मिशन योजना लागू की गई और इसी के तहत ब्लाक के सभी 83 राजस्व ग्राम एवं ग्राम पंचायतों में शौचालय बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। हालांकि 2016 में योजना का नाम स्वच्छता अभियान कर दिया गया, लेकिन पंचायत राज विभाग धरातल को छोड़ शुरू से ही कागजी कोरम पूरा कर गांव को ओडीएफ करने में जुटा रहा। इसी के आधार पर बाराचवर विकासखंड के सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ घोषित कर दिया गया। जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही है। नेवादा गांव में 325 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य था। कुछ बना तो कुछ अधूरा है जिसका लाभार्थी प्रयोग नहीं कर पा रहे हैं। कारण कुछ शौचालय का दरवाजा ही नही हैं और कुछ की आज तक छत ही गायब है तो किसी में सीट ही नहीं लगी। किसी के गड्ढे भी न के बराबर है। अधिकांश शौचालयों में उपला और सरपत और ईंट रखा गया है। ऐसी स्थिति के बाबजूद कागज में गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया गया है। एडीओ पंचायत बाराचवर अनिल यादव ने ऐसी किसी जानकारी के प्रति अनभिज्ञता जताई। कहा कि इस बारे में डीपीआरओ कार्यालय ही जानकारी दे सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें