राजस्व वसूली में फिसड्डी साबित हुए दर्जन भर विभागों को चेताते हुए जिलाधिकारी ने वसूली का लक्ष्य पूरा करने का निर्देश दिया है। डीएम ने अधिकारियों से प्रत्येक तहसील में 10 बड़े बकायेदारों की सूची लगवाने के साथ ही कड़ाई से राजस्व वसूली करने को कहा है। उन्होंने जिले में वाणिज्य कर, परिवहन कर, मंनोरजन कर, वन विभाग, विद्युत देय, लोक निर्माण विभाग, मंडी समिति, परिवहन निगम, श्रम विभाग, बाट माप , जिला पूर्ति विभाग, नगर पालिका गाजीपुर की स्थिति पर असंतोष जताया।
जिलाधिकारी डॉ अशोक चंद्र ने विकास भवन में कर करेतर राजस्व एवं मासिक बैठक में सभी विभागों के कार्यों की समीक्षा की। डीएम ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों एवं तालाबों पर अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही हैं, इसे गंभीरता से लेते हुए अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाए जाएं। लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदारों को निर्देश दिया कि काम में रुचि न लेने वाले लेखपालों को पत्र जारी किया जाए। उन्होंने पेंशन
प्रकरण और उत्तराधिकार से संबंधित लंबित मामलों को गंभीरता से निपटाने को कहा।
उन्होंने वरासत, 107/16 की कार्रवाई और सिंचाई देय की वसूली पर बल दिया। डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों को तहसील दिवस में अनुपस्थित रहने वाले और मामलों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों को अपने कार्यालय में फाइलों के रखरखाव और सफाई पर भी ध्यान देने को कहा । बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त/राजस्व, अपर जिलाधिकारी भू-राजस्व, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार तथा जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।