एआरटीओ कार्यालय के शुक्रवार हाल अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद विभाग में शनिवार को कुछ ज्यादा चौकसी देखने को मिली। कर्मचारी समय से अपने पटल पर दिखाई दिए और दलाल नदारद रहे। एआरटीओ ने सुबह कार्यालय का निरीक्षण करने के साथ ही उपस्थिति पंजिका देखी।
एआरटीओ में कर्मचारियों की मनमानी और दलालों का हस्तक्षेप कोई नई बात नहीं है। शुक्रवार सुबह अमर उजाला ने विभाग में जांच की तो पाया कि साढ़े दस बजे तक जहां कर्मचारी पहुंचे ही नहीं। एक बाबू 12 बजे तक दफ्तर नहीं पहुंचा। एआरटीओ खुद करीब सवा 11 बजे आए। ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का ट्रांसफार्मर, टैक्स जमा करने सहित अन्य कार्यों से सैकड़ों लोग कार्यालयों में थे।
दलालों का जमघट लगा था। मगर शनिवार सब कुछ दुरुस्त नजर आया। दस बजे सभी कर्मचारी कार्यालय पहुंच गए। एआरटीओ भवानी दीन ने निरीक्षण कर उपस्थिति पंजिका देखते हुए संतोष जाहिर किया। कार्यालयों और बाहर घुमकर इस बात की जानकारी लिया कि दलालों को मौजूदगी तो नहीं है। इस दौरान उन्हें कोई भी दलाल नहीं मिला। उन्होंने कर्मचारियों को निर्देश दिया कि काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरते और यहां आने वालों का नियम के तहत कार्य करें। अगर कोई कर्मचारी किसी से सुविधा शुल्क या मनमानी करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। आज कार्यालय के अंदर या बाहर दलाल नहीं नजर आए। सभी कार्यालयों में काम कराने वालों की भीड़ लगी रही।
हालांकि नजर दौड़ाने पर यह जरूर दिखाई दिया कि इक्का-दुक्का दलाल कार्यालय से काफी दूर खड़े होकर काम कराने के लिए कुछ लोगों से बातचीत करते हुए उनके कागजात देखते नजर आए।