सत्यापन के दौरान पाया गया कि उक्त शस्त्र लाइसेंसी मोहम्मद शाहिद मूल रूप से सैदपुर कोतवाली के अब्दु़ल हमीद नगर वार्ड नंबर चार का निवासी है। वह वर्ष 1999 से 2015 तक मुहम्मदाबाद कोतवाली के मंगल बाजार यूसुफपुर स्थित पुरानी कचहरी में किराये के मकान में निवास कर रहा था।
इसी दौरान उसने अपने मूल पता छिपाते हुए मुहम्मदाबाद के स्थायी पते पर शस्त्र लाइसेंस का आवेदन किया गया था। शस्त्र आवेदन प्रार्थना पत्र पर इसके द्वारा स्थायी व वर्तमान पते के कॉलम में मुहम्मदाबाद के पते का उल्लेख किया गया था। इसके संबंध में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक मुहम्मदाबाद व क्षेत्रीय लेखपाल द्वारा भी अपनी रिपोर्ट में आवेदक के स्थायी पते एवं निवास के पते के कॉलम में मुहम्मदाबाद के स्थायी पते को तश्दीक करते हुए लाइसेंस प्रदान करने की संस्तुति आख्या प्रेषित की गई थी।
एसपी ग्रामीण अतुल सोनकर ने बताया कि पते के फर्जीवाड़ा के मामले में मोहम्मद शाहिद, मुहम्मदाबाद तत्कालीन थाना प्रभारी और क्षेत्रीय लेखपाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है।