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गाजीपुर में बड़ा हादसा: टहलने निकले तीन लोगों को तेज रफ्तार कार ने रौंदा, मौके पर मौत, परिवार में मचा कोहराम

Thu, 08 Sep 2022 03:05 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गाजीपुर

सार

गाजीपुर से गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक हादसे की खबर आई जिसमें एक तेज रफ्तार कार ने सुबह टहलने निकले तीन लोगों को बुरी तरह से रौंद दिया। घटना  के बाद से परिवार में कोहराम मच गया। 
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पुलिस के कब्जे में कार - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गाजीपुर में गुरुवार की सुबह एक कार ने फोरलेन पर टहल रहे तीन युवकों को रौंद दिया जिससे उनकी मौत हो गई। हादसा जंगीपुर थाना क्षेत्र में मऊ - वाराणसी फोर लेन हाइवे पर हुआ। सुबह 4.30 बजे मिठ्ठापारा के रहने वाले छह लोग फोरलेन पर टहल रहे थे। इसी दौरान बेलवां गांव के पास मऊ की तरफ से आ रही तेज रफ्तार कार ने अच्छेलाल यादव (45), दिवाकर यादव (36), विनोद यादव (40)  को चपेट में ले लिया।

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कार अच्छेलाल यादव और दिवाकर को कुचलते हुए निकल गई, लेकिन विनोद गाड़ी में फंस गया। इसके चलते वह कुछ दूर तक घिसट गया। दो की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि विनोद गंभीर रूप से घायल हो गया। उसने जिला अस्पताल ले जाते वक्त रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद चालक कार छोड़कर फरार हो गया।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस पहुंची और कार को कब्जे में ले लिया। कार में मिले कागजात से पता चला कि वह सिद्धार्थनगर की है। अच्छेलाल यादव पुत्र के दो बच्चे, दिवाकर यादव के तीन बच्चे और विनोद यादव के चार बच्चे हैं। घटना के बाद पूरा गांव गमगीन है। एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने बताया कि परिजनों की तहरीर पर अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया गया है।  

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मिठ्ठापारा गांव के लिए आफत बनी दुर्घटना

घटनास्थल पर जुटी ग्रामीणों की भीड़। - फोटो : अमर उजाला
जंगीपुर थाना क्षेत्र के मिठ्ठापारा गांव के लिए गुरुवार की सुबह काफी दुखदायी रही। करीब साढ़े चार बजे अच्छेलाल, दिवाकर और विनोद एक साथ सड़क पर टहल रहे थे तभी मऊ की ओर से आ रही अनियंत्रित कार उनके लिए काल बन गई। हादसे में मृत मिठ्ठापार के अच्छेलाल यादव पहलवान होने के साथ दो बार जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। छह भाइयों का संयुक्त परिवार होने के साथ उसके छह और ग्यारह साल के दो बच्चे हैं। घटना के बाद उसकी पत्नी, बच्चों और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। 
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पिछले दो दिनों से अच्छेलाल यादव फोन से दिवाकर को जगाकर टलहने के लिए ले जाते थे। दिवाकर के तीन बच्चे हैं जो छोटे हैं। बच्चों को उम्र दो, चार और सात साल है। पिता के चले जाने के बाद बच्चों के सामने पढ़ाई-लिखाई और पत्नी के लिए घर चलाने की चुनौती पैदा हो गई है। इस घटना से पूरा परिवार टूट गया है। ऐसे ही विनोद यादव के चार भाई और चार बच्चे हैं। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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