दुल्लहपुर। क्षेत्र के खिलवा-सिखड़ी स्थित एक मैदान में आयोजित सत्संग में जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज महाराज ने कहा कि यह अनमोल मानव शरीर परमात्मा की विशेष कृपा से मिला है। इसलिए इसी जीवन में लोक-परलोक दोनों को संवारना चाहिए। सभी धर्मग्रंथों में नेक बनने और प्रभु स्मरण का संदेश दिया गया है। दोनों आंखों के मध्य जीवात्मा विराजमान है,
वही दिव्य नेत्र और दिव्य श्रवण का मार्ग है, जिससे ऊपरी लोकों के दर्शन और अनहद वाणी का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि शब्द-नाम योग के साधक सिद्ध संत जब मिलते हैं, तो प्रभु-प्राप्ति का मार्ग दिखाते हैं।
उनके बताए मार्ग पर साधना-भजन करने से साधक को ऊपरी लोकों के दृश्य और दिव्य ध्वनियां सुनाई देने लगती हैं। इसके लिए पहले मानव धर्म, सत्य, अहिंसा और करुणा को जीवन में उतारना आवश्यक है। अगर प्रत्येक व्यक्ति ईमानदारी और परिश्रम से अपना कर्तव्य निभाने लगे, तो देश स्वर्ग बन सकता है। उन्होंने सभी से शाकाहार अपनाने और नशा छोड़ने की अपील की। संवाद