शहर के सकलेनाबाद स्थित एक गोदाम पर रखे झाड़ू। संवाद
गाजीपुर। धनतेरस पर इस बार बाजार में विदेशी झाड़ू देखने को मिलेगी। जिले में इंडोनेशिया और नेपाल से झाडुओं की खेप पहुंची है। शहर के व्यापारियों के मुताबिक त्योहार पर इस बार झाडू का व्यापार जिले में करीब तीन करोड़ रुपये तक पहुंचेगा। धनतेरस पर झाडू खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के कारण बाजार में धनतेरस पर इसकी मांग काफी बढ़ जाती है। झाड़ू के थोक कारोबारी गौरव केशरी ने बताया कि इंडोनेशिया से तार वाली झाड़ू समुद्री मार्ग से चेन्नई आई। यहां से ट्रक के माध्यम से जिले में झाड़ू पहुंच चुकी है। वहीं नेपाल से फूल झाड़ू भी जनपद में पहुंचनी शुरू हो गई है। फूल झाड़ू की कीमत 100 से लेकर 200 एवं तार वाली झाड़ू 60 से लेकर 80 रुपये तक है। शहर सिस्त आलमपट्टी में झाड़ू बनाने का एक कारखाना है। यहां त्योहार के लिए लाखों झाडू बनकर तैयार है। धनतेरस के लिए अभी से कारखाने से दुकानों पर झाडू पहुंचाई जा रही है। मांग के अनुसार वाहनों से झाड़ू की आपूर्ति की जा रही है। व्यापारी ने बताया कि एक ट्रक झाडू की औसतन कीमत 15 लाख रुपये होती है। करीब 10 ट्रक झाड़ू धनतेरस के लिए मंगाए हैं। स्थानीय व्यापारी मदन लाल ने बताया कि विदेशी झाड़ुओं की गुणवत्ता और टिकाऊपन को देखते हुए ग्राहक इन्हें पसंद कर रहे हैं। त्योहार के सीजन में इनकी बिक्री में इजाफा होगा। इस बार बीते साल से अधिक झाडू की बिक्री होने की उम्मीद है। धनतेरस के लिए छोटे दुकानदार अभी से ही झाड़ू मंगा लिए हैं।
विदेशों से आता है कच्चा उत्पाद
झाड़ू के थोक कारोबारी गौरव केशरी ने बताया कि सींक वाली झाड़ूओं का कच्चा सामान इंडोनेशिया से आता है। फूल वाले झाड़ूओं का कच्चा माल नेपाल से मंगाया जाता है। कच्चे माल की मदद से आलमपट्टी में झाड़ूओं का निर्माण किया जाता है। यहां से ब्रिकी के लिए जनपद समेत पड़ोसी जिलों आजमगढ़, मऊ व बलिया में भी भेजा जाता है।