गाजीपुर। शहर के दो महत्वपूर्ण निजी बस स्टैंड से गैर प्रांत और जनपदों के अलावा तहसीलों के लिए सवारी वाहनों का संचालन होता है। पर यात्री सुविधाएं यहां नदारद हैं। बस स्टैंडों से प्रतिमाह करीब एक लाख से ज्यादा की राजस्व वसूली की जाती है। लेकिन शौचालय तो दूर रात के समय प्रकाश तक व्यवस्था नहीं हैं। जमानिया तिराहे पर अगर यात्री प्रतिक्षालय है तो रौजा बस स्टैंड पर तो बैठने के लिए बेंच तक नहीं हैं। ऐसे में दूर-दराज इलाकों तक की यात्रा करने वाले यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बिहार के बक्सर, चौसा, नुआंव, भदौरा, बारा, देवल, गहमर, रेवतीपुर, सुहवल, दिलदारनगर, जमानिया, नगसर, ढढनी, मऊ, मरदह, बिरनो, भड़सर सहित अन्य क्षेत्रों के लिए जमानिया तिराहा स्थित निजी बस स्टैंड से सवारी वाहनों का संचालन होता है।
रौजा स्थित स्टैंड से मुहम्मदाबाद, भरौली, भांवरकोल, बलिया, करीमुद्दीनपुर, रसड़ा, कासिमाबाद सहित अन्य जगहों के लिए वाहन फर्राटा भरते हैं। यहां के सवारी वाहनों से जिला पंचायत के तरफ से प्रतिदिन शुल्क की वसूली की जाती है, लेकिन रौजा बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा नदारद है। वहीं जमानिया तिराहे पर यात्री प्रतिक्षालय तो बनाया गया है, लेकिन पेयजल के लिए कोई सुविधा नहीं है।
शौचालय की व्यवस्था न होने की स्थिति में महिला यात्रियों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। जबकि इन दो निजी स्टैंडों को स्थापित कराने के बाद यात्री सुविधाओं को बेहतर बनाने का दावा किया गया गया था। एक वर्ष हो गए स्थितियां जस की तस बनी हुई है। स्टैंड पर प्रतिदिन बस से 30 रुपये, मिनी बस से 25, टैैक्सी 20, टैम्पू 15 और टोटो से 10 रुपये का शुल्क लिया जाता है। बावजूद स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं।
इस संबंध में जिला पंचायत अध्यक्ष सपना सिंह ने बताया कि जल्द ही दो निजी बस स्टैंडों को यात्री सुविधाओं से लैस कर दिया जाएगा, जिससे यात्रियों को आवागमन करने में दिक्कत का सामना न करना पड़े।