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ताे 40 नहीं, 80 पाएंगे नवोदय में दाखिला

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अगर सब कुछ ठीक रहा तो अगले कुछ वर्ष में जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा-छह में चालीस की जगह अस्सी बच्चों को दाखिले की सौगात मिलेगी। विद्यालय में आवासीय सुविधा के विस्तार के क्रम में बालक-बालिकाओं के 96-96 बेड के डारमेट्री का निर्माण कराया जाएगा। यही नहीं छात्रावास के साथ ही प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों-कर्मचारियों के आवास भी बनवाए जाएंगे। दस करोड़ से कुछ अधिक की लागत से होने वाले इस कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
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शहर के पुलिस लाइन के पास वर्ष 1991 में जवाहर नवोदय विद्यालय की स्थापना हुई थी। करीब 11 एकड़ में बने इस विद्यालय का स्थाई भवन में संचालन वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। आवासीय सुविधा के अभाव में छात्र परेशानी महसूस कर रहे थे। उनकी इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने कुछ वर्ष पहले फेज-एक के तहत बालक-बालिका के 288 बेड के डारमेट्री का निर्माण कराया था। उस दौरान प्रधानाचार्य आवास एवं शिक्षकों के आवासों का भी निर्माण कराया गया था। आवासीय समस्या की वजह से विद्यालय में अस्सी की जगह चालीस बच्चे ही दाखिला ले पा रहे हैं। इसी क्रम में फेज-दो के तहत बालक-बालिका के 96-96 सहित कुल 192 बेड के डारमेट्री का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही प्रधानाचार्य आवास, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के आवासों का भी निर्माण कराया जाएगा। दस करोड़ सात लाख 97 हजार की लागत से फेज-दो में होने वाले इन कार्यों के साथ ही अतिथि गृह भी बनाया जाएगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण कार्य कराने की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था टीसीआईएल को सौंपी गई है। इस सौगात के पूरा हो जाने के बाद विद्यालय में चालीस की जगह अस्सी बच्चे दाखिला ले सकेंगे। नवोदय विद्यालय में पढ़ने की उनकी हसरत पूरी हो सकेगी।
फेज-दो के तहत होने वाले बालक-बालिका डारमेट्री आदि निर्माण कार्य के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के संबंध में पत्राचार किया जा रहा है- डा. इकरामुद्दीन सिद्दीकी, प्रधानाचार्य, जवाहर नवोदय विद्यालय
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आवास संग बनेगा गेस्ट हाउस
गाजीपुर। जवाहर नवोदय विद्यालय में फेज-दो के तहत बालक-बालिका डारमेट्री के अलावा प्रधानाचार्य के आवास का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही शिक्षकों के लिए टाइप-तीन के दस आवास तथा कर्मचारियों के लिए टाइप-दो के पांच आवास बनाए जाएंगे। यही नहीं दो कमरों का गेस्ट हाउस भी बनाया जाएगा।
फेज-एक में बनी थी 288 बेड की डारमेट्री
गाजीपुर। फेज-एक में बालक-बालिकाओं के 288 बेड की डारमेट्री, प्रधानाचार्य आवास, टाइप-तीन के 14 आवास का निर्माण कराया गया था। इसके अलावा पानी टंकी, बालक-बालिका डाइनिंग हाल, परिसर में आंतरिक सड़क, दो सौ मीटर ट्रैक, बास्केटबाल, वालीबाल एवं बैडमिंटन कोर्ट के अलावा ओपेन जिम का भी निर्माण कराया गया था।
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