आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 11 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा कार्यक्रम का आयोजन होगा। इसके लिए शासन-प्रशासन स्तर से तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। जनपद में पूरे हफ्ते तीन पहर विविध कार्यक्रमों के जरिए आजादी के 75 साल पर संदेश प्रसारित किया जाएगा। शासन की ओर से हरेक जनपद में विविध कार्यक्रमों के लिए पांच लाख रुपये मुहैया कराए गए हैं। बाकी धनराशि जिला प्रशासन को सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी) फंड से जुटाना होगा।
प्रशासन को तिरंगा जल यात्रा, कठपुतली एवं जादू शो, शहीदों के परिजनों का सम्मान कार्यक्रम, कवि सम्मेलन/मुशायरा आदि का आयोजन कराना है। साथ ही 11 से 17 अगस्त तक तीन पहर सुबह, दोपहर और शाम को अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। 11 अगस्त को सुबह में सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में झंडा गीत का सस्वर गायन, दोपहर में विद्यालयों में स्लोगन लेखन, चित्रकला प्रतियोगिता और शाम को शहीद स्मारकों पर राष्ट्रभक्ति गीतों का वादन, 12 अगस्त को सुबह में सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में झंडा गीत का सस्वर गायन, दोपहर में सभी कृषि विज्ञान केंद्रों में कृषक सम्मेलन जिसमें 75 प्रगतिशील किसानों को सम्मान पत्र, पौधे और तिरंगा भेंट किया जाएगा, शाम को शहीद स्मारक स्थलों पर राष्ट्रभक्ति गीतों का वादन किया जाएगा।
ऐसे ही 13 अगस्त को छात्र, छात्राओं का स्कूल यूनिफार्म में झंडा गीत गाते हुए प्रभातफेरी, प्रत्येक विकासखंड में 75-75 पीआरडी जवानों द्वारा अपने गणवेश में तिरंगा यात्रा, दोपहर में सभी आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों द्वारा सस्वर राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान, बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था, विद्यालयों में राष्ट्रभक्ति फिल्मों का प्रदर्शन और शाम को स्मारकों पर राष्ट्रभक्ति गीतों का वादन, सरकारी विश्वविद्यालयों समेत अन्य शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा। 14 अगस्त को सुबह में छात्र, छात्राओं का राष्ट्र के नायकों, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और शहीदों की वेशभूषा में प्रभातफेरी, युवा और महिला मंगल द्वारा मिनी मैराथन, दोपहर में प्रत्येक मंडी स मिति में 75-75 पल्लेदारों का व्यवसायिक संगठनों की ओर से सम्मान, शिक्षण संस्थानों में स्वतंत्रता के नायक विषयक चित्रकला, स्वतंत्रता की यात्रा विषयक रंगोली प्रतियोगिता और शाम को शहीद स्मारकों पर राष्ट्रभक्ति के गीतों का वादन, कालेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन होगा।
15 अगस्त को सुबह में विद्यार्थियों और खिलाड़ियों की अपने-अपने खेल से संबंधित वेशभूषा में तिरंगा प्रभातफेरी, दोपहर में शिक्षण संस्थानों में मेरा जनपद मेरी धरोहर विषयक फोटोग्राफी प्रतियोगिता, सभी ग्राम पंचायतों में 75-75 फलदार पौधों का रोपण, शाम को एक शाम शहीदों के नाम सांस्कृतिक कार्यक्रम, स्मारकों पर राष्ट्रभक्ति गीतों का वादन होगा। 16 अगस्त को सुबह में ब्रासबैंड वादकों की राष्ट्रगीतों की धूनों का वादन करते हुए प्रभातफेरी, दोपहर में अमृत सरोवरों पर संगोष्ठियां और शाम को स्मारकों पर राष्ट्रगीतों का वादन, शैक्षणिक संस्थानों में युवा कवि सम्मेलन किया जाएगा। 17 अगस्त को सुबह में चिकित्सकों, नर्स, व्यवसायिक, कृषक, आशा बहुएं, अधिवक्ता, शिक्षक, स्वच्छाग्रही का अपने-अपने व्यवसाय का प्रतिनिधित्व करने वाली वेशभूषा में प्रभातफेरी, दोपहर में स्वतंत्रता आंदोलन से संबंधित पुस्तकों का विमोचन व परिचर्चा, जनपद के पांच ज्ञात व अज्ञात स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और घटनाओं पर परिचर्चा और शाम को स्मारकों पर राष्ट्रभक्ति गीतों का वादन, राष्ट्रभक्ति पर आधारित कवि सम्मेलन या मुशायरा, आंचलिक बोलियों में कवि सम्मेलन का आयोनज होगा।
8 अगस्त को सुबह 9 बजे से तिरंगा यात्रा
जिलाधिकारी एम पी सिंह ने बताया कि 8 अगस्त को सुबह 9 बजे से तिरंगा यात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जो तिरंगा यात्रा राजकीय महिला डिग्री कालेज, महुआबाग से प्रारंभ होकर नेहरू स्टेडियम, गोराबाजार, जाकर समाप्त होगा। जिलाधिकारी ने अपील किया कि 13 से 15 अगस्त तक हर-घर तिरंगा फहराया जाना है। इसके बाद परिवार के साथ मिलकर तिरंगे के सम्मान में राष्ट्रगान भी गाएं।
तिरंगा अभियान में स्वयंसेवक जाएंगे गांवों में
गाजीपुर। नेहरू युवा केंद्र द्वारा आजादी का अमृत महोत्सव के तहत छह विकास खंडों में युवा क्लब विकास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसी के साथ ही अन्य सभी ब्लॉकों में स्वच्छता पखवाड़ा 11 से 17 अगस्त तक स्वतंत्रता सप्ताह एवं 13 से 15 अगस्त तक हर घर तिरंगा को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसी शृंखला में क्षेत्र में कार्य कर रहे स्वयंसेवकों से जूम एप पर बैठक लेते हुए नेहरू युवा केंद्र के जिला युवा अधिकारी कपिल देव ने कहा कि गाजीपुर में हर घर तिरंगा अभियान में सभी हुआ प्रत्येक दिन किसी ने किसी गांव में जाएं और लोगों से डोर टू डोर संपर्क कर तिरंगा लगाने के लिए जागरूक करें। उन्होंने कहा कि तिरंगा फहराने के पहले यह सुनिश्चित हो कि केसरिया पट्टी सबसे ऊपर हो। नमामि गंगे के डीपीओ बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इस अभियान को सोशल मीडिया पर अधिक से अधिक जोड़ने की अपील की।
विद्यालय में बच्चों को तिरंगा वितरण
लठठूडीह। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय गोसलपुर में शनिवार को बच्चों को तिरंगा वितरण कर अभियान की शुरुआत की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक अखिलेश तिवारी ने बताया कि सरकार की मंशा के अनुरूप विद्यालय के बच्चों को तिरंगा देकर आजादी अमृत महोत्सव पर प्रकाश डालते हुए स्वाधीनता संग्राम सेनानियों एवं देश की आजादी के लिए खुद को कुर्बान कर देने वाले भारत मां के वीर सपूतों सहित, आजादी के बाद से लेकर अब तक देश में हुए विकास के बारे में बच्चों को विस्तार पूर्वक बताया गया। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक रितेश सिंह ने बच्चोंको तिरंगा के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तिरंगे का डिजाइन बनाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी पिंगली वेंकैया थे। जिन्होंने 1921 में ध्वज का निर्माण किया और 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा द्वारा सर्वसम्मति से राष्ट्रीय ध्वज को अपना लिया गया। उसके बाद से अशोक चक्र लगा हुआ तिरंगा हमारे राष्ट्रीय ध्वज के रूप में भारत का पहचान बन गया। इस अवसर पर विद्यालय के बच्चों सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र सिंह ने किया।