जिले में गेहूं की खरीद में तेजी नहीं आ पा रही है। यही वजह है कि करीब महीना भर बीत जाने के बाद भी अभी तक 240 मीट्रिक टन की ही खरीद की जा सकी है। यह खरीद गिनती के क्रय केन्द्रों पर हुई है जबकि दो दर्जन से अधिक केन्द्रों की बोहनी नहीं हुई है।
शासन की ओर से जिले को इस वर्ष 25 हजार एमटी गेंहू खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए विभिन्न संस्थाओं के 46 क्रय केंद्र खोले गए। पिछले दिनों यूपीएसएस की तरफ से भी 2 क्रय केन्द्र खोेले गए हैं। इस तरह से क्रय केन्द्रों की संख्या बढ़कर अब 48 हो गई है। विपणन के 16 क्रय केन्द्रों को 11 हजार मीट्रिक टन, पीसीएफ के 21 केन्द्रों को 10 हजार, एनसीसीएफ के 4 केन्द्रों को 2 हजार, कर्मचारी कल्याण निगम के 3 केन्द्रों को 2 हजार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
एफसीआई और यूपीएसएस के 2-2 क्रयकेन्द्रों पर भी खरीद की जानी है। गेहूं की खरीद 1525 रुपये प्रति कुंतल की दर से की जानी है। इस महीने के दूसरे पखवारे में गेंहू की खरीद तो शुरू हो गई लेकिन उसमें तेजी नहीं आ पा रही है। यही वजह है कि करीब महीना भर का समय बीत जाने के बाद भी अभी तक विभिन्न संस्थाओं की ओर से 240 मीट्रिक टन की खरीद की गई है। विपणन की तरफ से 94 एमटी, पीसीएफ की ओर से 121 एमटी, एनसीसीएफ की तरफ से 25 एमटी गेंहू खरीद की गई। कर्मचारी कल्याण निगम, एफसीआई एवं यूपीएसएस की ओर से छटांक भर भी खरीद नहीं की गई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष खरीद संतोषजनक है। बीते वर्ष अब तक महज 25 एमटी खरीद की गई थी। खरीद में तेजी न आ पाने के पीछे आवक और रेट को कारण बताया जा रहा है।