महावीर चक्र विजेता रामउग्रह पांडेय की धर्म पत्नी श्यामा देवी सोमवार को सैदपुर स्थित जौहरगंज घाट पर गंगा किनारे पंचतत्व में विलीन हो गईं। मुखाग्नि उनके नाती धर्मवीर दुबे ने दी। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी। श्यामा देवी का वाराणसी में रविवार को इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
वर्ष 1971 के भारत-पाक युद्ध के नायक महावीर चक्र विजेता शहीद रामउग्रह पांडेय की धर्मपत्नी श्यामा देवी की अंतिम यात्रा पर उनके दर्शन और श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए जनसमूह उमड़ पड़ा। उनके घर के साथ ही जखनियां कस्बे में जगह-जगह लोगों ने पुष्पांजलि अर्पित की। सोमवार की सुबह उनके पैतृक गांव ऐमावंशी स्थित रामउग्रह पांडेय पार्क से भारत माता की जय एवं रामउग्रह पांडेय-श्यामा देवी अमर रहे के गगनभेदी नारों के साथ शवयात्रा जब जखनियां क़स्बा के चौजा तिराहा पहुंची वहां पर सैकड़ों की संख्या में उपस्थित लोगों ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
शहीद चंद्रशेखर आजाद इंटर कॉलेज एवं सनशाइन पब्लिक स्कूल के हजारों बच्चों की तरफ से सड़क किनारे कतारबद्ध खड़े होकर श्यामादेवी के पार्थिव शरीर पर पुष्पवर्षा की गई। श्यामादेवी की शव यात्रा विभिन्न रास्तों से होते हुए सैदपुर के जौहरगंज स्थित गंगाघाट पहुंची। यहां उनका अंतिम संस्कार हुआ। मुखाग्नि उनके नाती धर्मवीर दुबे ने दी। उनके अंतिम संस्कार के समय वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।
अंतिम संस्कार के समय सहायक जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी बलिराज राम, 8 गार्ड रेजिमेंट जवान ले. हवलदार मनोज कुमार मिश्रा, भाजपा नेता रामहित राम, ओमप्रकाश राम, आनंद कुमार मिश्र, अभय सिंह, अंकुर सिंह, प्रभाकर जायसवाल, सौरभ पांडेय सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। श्यामा देवी को पुष्पांजलि अर्पित करने वालों में प्रमुख रूप से तहसीलदार संजय सिंह, विनोद कुमार पांडेय, विपिन कुमार सिंह, देवनारायण सिंह, चंद्रभाल मिश्र, इंद्रजीत सिंह अंटू, प्रमोद वर्मा, अटल सिंह, गंगाधर पांडेय, रामदुलार राम, गणेश गुप्ता, मेजर ओमप्रकाश, उमाशंकर यादव, कैलाश वर्मा, सतीशचंद जायसवाल, अंकुर सिंह, बबलू जायसवाल, अभय सिंह, दुर्गा प्रसाद, विव्नोद गुप्ता, राहुल चौरसिया, राजेश गिरी, संजय सिंह, अरुण कुमार पांडेय, लालू चौरसिया, सर्वेश पांडेय, गोपाल पांडेय, परमहंस पांडेय, प्रिंस गुप्ता सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। श्यामादेवी के निधन से तहसील मुख्यालय जखनियां सहित बुढ़ानपुर, भुड़कुडा, हथियाराम, पदुमपुर, जलालपुर, ऐमावंशी सहित तमाम बाजारों में शोक की लहर छाई रही।