कासिमाबाद। कोतवाली क्षेत्र के महरौड़ गांव के मौजा बंगालपुर निवासी सेना में नायब सूबेदार के पद पर तैनात योगेश राजभर (48) की इलाज के दौरान बीते आठ मार्च की शाम लखनऊ के कमांड अस्पताल में निधन हो गया था। पार्थिव शरीर वाराणसी के 39 जीसीटी गोरखा रेजीमेंट के जवान सेना के वाहन से लेकर शनिवार की देर रात पैतृक गांव पहुंचे। रविवार की सुबह पूरे सम्मान के साथ गौसपुर स्थित गंगा घाट पर अंतिम विदाई देने के साथ सेना के जवान का अंतिम संस्कार हुआ।
गांव निवासी योगेश राजभर 305 फील्ड एएमसी कोर गुवाहाटी असम में तैनात थे। भतीजे की शादी में बीते 18 फरवरी को घर आए थे। उन्हें एक सप्ताह से बुखार आ रहा था। बीते सात मार्च को तबीयत ज्यादा खराब होने पर परिजन पहले मऊ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां पर स्थिति बिगड़ने पर लखनऊ के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। इसकी जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जवान का पार्थिव शरीर एंबुलेंस से वाराणसी आया और वहां से 39 जीटी गोरखा रेजीमेंट के जवान सेना के वाहन से देर रात गांव पहुंचे।मुखाग्नि सैनिक के बड़े पुत्र भानु प्रताप राजभर ने दिया। योगेश राजभर 1998 में सेना में तैनात हुए थे।अंतिम संस्कार गौसपुर गंगा घाट पर किया गया। इस दौरान वाराणसी 39 जीसीटी गोरखा रेजीमेंट के जेसीओ दान बहादुर राना, नायब तहसीलदार अनुराग यादव, ग्राम प्रधान अमित राय आदि मौजूद रहे।