दुबिहा। गेहूं, सरसों, मसूर और आलू की फसलों की सुरक्षा के लिए इन दिनों खरपतवार नाशक और कीटनाशक दवाओं की अत्यंत जरूरत हैं, लेकिन क्षेत्रीय कीट रक्षा इकाई पर दवाओं का टोटा होने से क्षेत्रीय किसान परेशान हैं।
बाराचवर विकास खंड स्थित कृषि रक्षा इकाई पर कीटनाशक दवाइयों की कमी है। सरकार ने प्रत्येक विकास खंड मुख्यालय पर किसानों की फसल सुरक्षा वास्ते कीटनाशक दवाइयों को सस्ते दामों में उपलब्ध कराने के लिए कृषि रक्षा इकाई केंद्र खोले हैं। इन केंद्रों पर खरपतवारनाशक, फफूंदी नाशक आदि फसल सुरक्षा में मिलने वाली सभी प्रकार की दवाइयों काफी दिनों से नदारत है। किसानों ने बताया कि कृषि रक्षा इकाई बाराचवर पर फसल सुरक्षा के लिए किसी भी तरह की दवाइयां नहीं मिल रही हैं। जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार ने बताया की कुछ दवाएं आवंटित हुई है, जो की ब्लाकों में भेजी जा रही है। दवाओं के लिए डिमांड भेजा गया है, बहुत जल्दी ही दवाएं उपलब्ध करा दिया जाएगा।
चने की फसल में फूल आना शुरू हो गया है, जिसमें कीटनाशक और खरपतवार नाशक दवाओं की जरूरत है। सरकारी कृषि रक्षा केंद्र पर दवाएं नहीं है। निजी दुकानों से महंगी दर पर खरीदना पड़ रहा है।- बृजेश राय
गेहूं की बुआई कर पहला पानी दे दिया गया है, अब उसमें वनगेहुआ की दवा की जरूरत है। बार-बार रक्षा इकाई पर जाकर लौटना पड़ रहा है, वहां दवा नहीं मिलती है।-उमाशंकर पांडेय
बाराचवर ब्लाक के कृषि रक्षा इकाई पर दवाएं नहीं हैं, आलू के खेतों में झुलसा रोग लगा है। वहीं गेहूं में भी दवाओं की जरूरत है। काफी दिनों से महंगी दवा खरीदना पड़ रहा है।- सुखराम तिवारी
सरसों की खेती में लाही का प्रकोप हो रहा है। वहीं मसूर और चना में फूल आ गए हैं, कीड़े लग रहे हैं। दवा की जरूरत है। सरकारी दवाई नहीं मिल रही है। महंगे दामों पर दवा खरीद रहे हैं। - गोपाल राय