बिरनो। स्थानीय ब्लाक अंतर्गत आने वाले भैरोंपुर के जवान कमलेश सिंह के नाम पर गांव में एक पार्क, खेल मैदान तक नहीं बन पाया। जिम्मेदारों की उपेक्षा का आलम यह है कि इस वीर सपूत की कारगिल युद्ध में शहादत के 21 वर्ष एक माह बीतने के बाद भी सेना से अधिकारी पद से रिटायर कमलेश के पिता कैप्टन अजनाथ सिंह की मांग पूरी नहीं हो सकी। कमलेश के पिता की दिली इच्छा थी कि देश के लिए कुर्बानी देने वाले उनके पुत्र के नाम पर गांव में खेल मैदान, पार्क या फिर पंचायत भवन का निर्माण हो जो अब तक नहीं हुआ है।
कैप्टन अजनाथ सिंह बताते हैं कि 15 जून 1999 को उनके बेटे की शहादत की सूचना के बाद तत्कालीन लोक निर्माण मंत्री मंत्री कलराज मिश्र एवं पंचायतराज मंत्री महेंद्र पांडेय ने गांव का दौरा किया था। भरी पंचायत में हजारों लोगों की मौजूदगी में शहीद पुत्र के नाम से खेल मैदान, पंचायत भवन आदि बनवाने की घोषणा की गई थी लेकिन यह वादा आज तक जिम्मेदार पूरा नहीं कर सके। बकौल श्री सिंह पुत्र की देश के लिए शहादत तो नहीं अखरती लेकिन जन प्रतिनिधियों के झूठे वादे उनके दिल को हर समय छलनी करते हैं। पुत्र की शहादत पर गांव में एक भी ऐसा स्मृति चिन्ह नहीं बनाया गया, जिसे युवा देश के प्रति कर्तव्य और अपने त्याग के प्रति प्रेरित हो सकें।