मुहम्मदाबाद के शहीद पार्क सभागार में आयोजित हिंदू सम्मेलन मे मौजूद लोग। संवाद
मुहम्मदाबाद। शहीद पार्क के सभागार में बुधवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। शुभारंभ क्षेत्रीय बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश ने भारत माता के चित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कहा कि छुआछूत कभी भी हमारे शास्त्रों में मान्य नहीं रहा है। हिंदू समाज में भेदभाव की कोई परंपरा नहीं रही, बल्कि वैदिक काल से ही समाज समरसता के साथ आगे बढ़ता रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ कुटिल तत्वों ने समाज में विकृति भरकर विभाजन पैदा किया, जिसका परिणाम देश को गुलामी के रूप में भुगतना पड़ा। संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदुओं की आपसी एकता से ही समाज की प्रतिष्ठा बनी रह सकती है। भगवान श्रीराम के जीवन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि शबरी और जटायु के बिना श्रीराम की मर्यादा अधूरी है। उन्होंने यह भी बताया कि अयोध्या में वर्ष 1989 में हुए राम मंदिर शिलान्यास की पहली ईंट सीतामढ़ी जिले के दलित समाज के कामेश्वर चौपाल ने रखी थी। उन्होंने जातिगत भेदभाव समाप्त कर सामाजिक समरसता को अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने भगवान श्रीराम को आदर्श मानते हुए संयुक्त परिवार की परंपरा को सशक्त करने पर जोर दिया। कहा कि यह संघ का शताब्दी वर्ष है और इस अवसर पर सभी को समाज को खंडित न होने देने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने ''लोकल फॉर वोकल'' को अपनाते हुए स्वदेशी के उपयोग पर जोर दिया। इस अवसर पर सामूहिक एवं संगीतमय हनुमान चालीसा का पाठ हुआ। कार्यक्रम में राजेंद्र शर्मा एवं उनकी टीम ने भजन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर एके त्रिपाठी, संयोजक कुश वर्मा, वल्लभदास अग्रवाल, सुचिता गिरि, रामजी गिरि, राजेंद्र गुप्ता, प्रमोद गुप्ता, सदानंद गुप्ता, तेजबहादुर यादव, गुड्डू शर्मा, संजीव गिहार, अमित चौरसिया, ओपी गिरि, शशांक राय सहित कई लोग मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन अमित अग्रवाल ने किया।