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Ghazipur News: 25.11 करोड़ से बनेगी जिले की सबसे खराब सड़क, श्रेय के लिए एमएलसी -विधायक में ठनी

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गाजीपुर। जनपद की सबसे खराब सड़क लावा, जंगीपुर-आरीपुर मार्ग के अब अच्छे दिन आने वाले हैं। करीब 12 साल से खराब 10 किमी की इस सड़क को बनाने के लिए 25.11 करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार करके शासन को भेजा गया है। वहीं सड़क बनवाने का श्रेय लेने के लिए एमएलसी विशाल सिंह चंचल और जंगीपुर विधायक वीरेंद्र यादव में ठन गई है। दोनों ही दावा कर रहे हैं कि उनके प्रस्ताव पर कार्य आगे बढ़ रहा है।
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लावा मोड़ से जयंतीदासपुर, बाबूरायपुर, मानपुर नेवादा होते हुए शुभाखरपुर लावा चट्टी तक जाने वाली दस किमी की सड़क वर्ष 2012 से गड्ढों में तब्दील है। हालत यह है कि हर कदम पर गड्ढे मौजूद हैं। पिच के नाम पर सिर्फ गिट्टी-मिट्टी दिखाई दे रही है। अब इस सड़क की मरम्मत के लिए 25.11 करोड़ रुपये का एस्टीमेट शासन को भेजा गया है। बीते दिनों सड़क पर धान की रोपाई करके प्रदर्शन करने वाले विधायक इसे अपने संघर्ष का परिणाम बता रहे हैं तो दूसरी ओर एमएलसी ने रविवार को अपने प्रतिनिधि प्रदीप पाठक को अधिकारियों के साथ सड़क का निरीक्षण करने के लिए भेजा। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के अवर अभियंता अनिल वर्मा को निर्देशित करते हुए कहा कि इस सड़क के निर्माण में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मीडिया से बातचीत में कहा कि एमएलसी विशाल सिंह चंचल के प्रस्ताव पर शासन को 25.11 करोड़ का बजट भेजा गया है। क्षेत्रीय सपा विधायक तंज कसते हुए कहा कि विधायक का परिवार इस विधानसभा क्षेत्र के गठन के बाद से ही काबिज है, लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता है की धान की रोपाई कहां की जाती है। खैर... सड़क जनता के दर्द और समस्या को दूर करने का विषय है, न कि राजनीति करने का। इस मौके पर बिरनो ब्लॉक प्रमुख राजन सिंह, शचिंद्रनाथ सिंह लल्लन, योगेश सिंह, विवेकानंद पांडेय, अभिमन्यु सिंह, गुड्डू गुप्ता, रणधीर सिंह, रामप्रसाद गुप्ता, अमित सिंह, संजय सिंह आदि मौजूद रहे।
2015 में मार्ग मरम्मत के लिए हुआ था बवाल
गाजीपुर। इस मार्ग की मरम्मत के लिए 13 अगस्त 2015 में एक महाविद्यालय के प्रवक्ता ओम प्रकाश सिंह और छात्रनेता विवेकानंद पांडेय के नेतृत्व में नाराज लोगों ने लावा, जंगीपुर-आरीपुर मार्ग तिराहे पर आमरण अनशन शुरू किया था। चौथे दिन अनशनकारियों को जबरदस्ती उठाने के दौरान बवाल हो गया था। लाठीचार्ज होने पर लोगों ने पथराव करते हुए दो रोडवेज की बसों में तोड़फोड़ की थी। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ था, जो अब शासन ने वापस ले लिया है।
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आंदोलन के बाद मिले थे चार करोड़
गाजीपुर। आंदोलन के बाद प्रधानमंत्री सड़क योजना के अंतर्गत चार करोड़ रुपये शासन से पास किया गया। इस धनराशि से चार किमी नाली और दस किमी सड़क का निर्माण कराया जाना था। सड़क का आधा-अधूरा निर्माण तो कराया गया, लेकिन नाली नहीं बनी। आरोप है कि पैसे की बंदरबाट कर ली गई। सड़क की दशा सुधार के नाम पर कभी-कभार गिट्टी और मिट्टी डालने का क्रम जारी है। जबकि इस मार्ग पर हमेशा वाहनों के आवागमन का दबाव बना रहता है।
एमएलसी गलत बोल रहे हैं। वो सस्ती लोकप्रियता चाहते हैं। उन्हें तो ये भी नहीं पता कि एस्टीमेट कब और किस अधिकारी ने बनाया। मैंने इस सड़क के लिए आवाज उठाई। मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सड़क पर धान रोपकर प्रदर्शन भी किया। यह सड़क मेरे प्रस्ताव पर ही बन रही है।- डॉ. वीरेंद्र यादव, विधायक सपा, जंगीपुर
विधायक उनकी मां और पिता कई सालों से जंगीपुर विधानसभा क्षेत्र से चुने जा रहे हैं। ये सड़क तबसे खराब है, जब उनकी सरकार थी। आवाज उठाने के लिए क्षेत्रीय लोगों ने आंदोलन किया और लाठियां खाईं, तब तो वे इस सड़क को नहीं बनवा पाए। अब जब मेरे प्रस्ताव पर सड़क बनने जा रही है तो सस्ती लोकप्रियता के लिए सड़क पर धान लगाकर लोगों में भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।- विशाल सिंह चंचल, एमएलसी भाजपा
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