तहसील में जैसे ही महिलाओं ने शोर मचाना शुरू किया, वहां लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। कई बार उप जिलाधिकारी को फोन लगाया गया, लेकिन फोन नहीं लगा। इसके बाद जिलाधिकारी को मामले से अवगत कराया गया, तो उन्होंने तत्काल जांच कराने की बात कही।
डीएम के आदेश पर नायब तहसीलदार और कानूनगो मौके पर पहुंचे। महिलाओं को समझाते हुए तत्काल आटा मुहैया कराया गया। इसके बाद मामला किसी तरह शांत हुआ। इस मामले में कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता गुलाब सिंह ने पहुंचकर अधिकारियों की उदासीनता पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने तत्काल उच्च अधिकारियों से वार्ता कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
एक घंटे बाद उपजिलाधिकारी सूरज कुमार यादव से वार्ता हुई। उन्होंने कहा कि अनाज किसने वितरित किया हमे जानकारी नहीं है, जो अनाज गोदाम में सड़ गया था उसे नहीं देना चाहिए। फिलहाल जिनको जरूरत है उन्हें तत्काल अनाज मुहैया कराया जा रहा है।