मतदाता सूची में कई मतदाताओं का नाम न होने और तीन किलोमीटर दूर बूथ बनाने को लेकर नाराज जमानिया के जोगियामार गांव के लोगों ने मतदान का बहिष्कार किया।
इसी प्रकार भांवरकोल ब्लाक के बाठा गांव के 120 लोगों का नाम दूसरे बूथ पर करने को लेकर लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
जमानिया संवाददाता के मुताबिक, जोगियामार के ग्रामीणों ने मतदान केंद्र तीन किलोमीटर दूर बनाने और सूची से कई मतदाताओं के नाम गायब होने पर मतदान का बहिष्कार किया।
जोगियामार में 800 वोट है, लेकिन सूची में सिर्फ 682 वोटरों के नाम ही थे। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले चुनावों में प्राथमिक विद्यालय जोगियामार में बूथ बनता रहा है, लेकिन इस बार तीन किलोमीटर दूर किशुनीपुर गांव में बूथ बनाया गया था, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं को परेशानी होने लगी।
इस पर ग्रामीण एकजुट हो गए और चुनाव का बहिष्कार कर दिया। ग्रामीण सुदामा चौबे, अवध नारायण राय, सुदर्शन राम, रामवृक्ष यादव, अशोक पांडेय, सर्वजीत पासवान का कहना था कि बूथ लाओ वोट पाओ।
देर शाम तक बूथ पर सन्नाटा पसरा रहा। गांव में क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए खड़े प्रत्याशियों ने भी वोट नहीं डाला। हालांकि किशुनीपुर गांव के वार्ड नं 6 से 11 तक के किशुनीपुर गांव के मतदाताओं ने मतदान किया।
भांवरकोल एवं दुबिहा संवाददाता के अनुसार, भांवरकोल ब्लाक के बाठा गांव के 120 लोगों का नाम दूसरे बूथ पर करने को लेकर नाराज लोगों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया।
ग्रामीणों का कहना था कि गांव के लोगों का मतदान केंद्र गांव में होनी चाहिए। यहां के लोगों का मतदान केंद्र सुखडेहरी कला में बना दिया गया है, जिससे दिक्कत हो रही है।
जानकारी होने पर मौके पर पहुंचे एसडीएम ने लोगों को समझाया। बाद में गांव में मतदान केंद्र बनाया गया तो ग्रामीणों ने बाठा गांव को ग्रामसभा बनाने की मांग की। बाठा के बूथ पर 724 वोट है पर एक व्यक्ति ने भी मतदान नहीं किया। ग्रामीणों ने नारेबाजी कर प्रदर्शन किया।