आरोप है कि वह बेटी के साथ गलत काम करने लगा, उसी बीच वादिनी घर पहुंच गई। उसने देखा कि अंदर से दरवाजा बंद है। आवाज देने पर नहीं खुला तो महिला दरवाजे तोड़कर अंदर गई। आरोप है कि रामअवध राजभर जाति सूचक गाली देते हुए भाग गया। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ और गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। विवेचना के बाद आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में 28 जून को आरोप पत्र पेश किया।
न्यायालय ने आरोप पत्र को 1 जुलाई 2025 संज्ञान में लिया। न्यायालय ने आरोपी के विरुद्ध चार जुलाई को आरोप तय किया। दौरान विचारण अभियोजन की तरफ से 7 गवाह पेश किए गए। शुक्रवार को दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए दोषी को जेल भेज दिया।