भटनी-औड़िहार के बीच 19 किमी रेल खंड पर दोहरीकरण और विद्युतीकरण लाइन का काम रविवार को पूरा हो गया। रेल संरक्षा आयुक्त उत्तर पूर्वी सर्किल मोहम्मद लतीफ खान ने पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के मंडल रेल प्रबंधक रामाश्रय पांडेय व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ जांच किया। शाम पौने सात बजे रेल लाइन पर फुल स्पीड में ट्रायल किया गया। इस दौरान माहपुर और सादत के बीच ट्रेन अधिकतम स्पीड 129 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ी।
रेल संरक्षा आयुक्त ने औड़िहार रेलवे स्टेशन से जांच शुरू किया। स्टेशन के पैनल रूम,आई पी एस रूम,रिले रूम एवं बैटरी रूम समेत औड़िहार-माहपुर रेल खंड को जोड़ने वाली लाइन के ट्रेलिंग पॉइंट को देखा। इसके बाद मोटर ट्राली से औड़िहार - सादात रेल खंड पर नवनिर्मित दूसरी लाइन का निरीक्षण करते हुए ब्रिज सं-125 पर पहुंचे और ब्रिज का फाउंडेशन समेत संरक्षा निरीक्षण किया। दोहरीकरण के तहत बनी नई लाइन पर ट्रैक जड़ाई, बैलास्ट फैलाई, पैकिंग/हाउसिंग, ग्लुड जॉइंट एवं स्विच एक्सटेंशन जॉइंट,ओवर हेड ट्रैक्शन एवं ट्रैक्शन पोल की लाइन से मानक दूरी की जांच करते हुए माहपुर इंटरमीडिएट ब्लॉक हट स्टेशन पहुंचे। माहपुर में दोहरीकरण के मानकों को जांचने के बाद आईपीएस कक्ष एवं रिले रुम की डबल लॉकिंग को देखा। माहपुर से ब्रिज संख्या 120 तक ट्रैक एवं ओवर हेड ट्रैक्शन का गहन निरीक्षण किया। सादात स्टेशन पर नए यार्ड प्लान,स्टेशन वर्किंग रूल,स्टेशन पैनल, पॉइंट्स एंड क्राॅसिंग एवं नए स्थापित सिग्नलों का निरीक्षण किया। रेल खंड पर पड़ने वाले समपार फाटकों पर दोहरीकरण के तहत किए गए बदलाव को देखा। इसके बाद सादात से औड़िहार के बीच फुल स्पीड में ट्रायल किया गया। पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि माहपुर और सादत के बीच ट्रेन अधिकतम स्पीड 129 किमी प्रति घंटे रही।
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यह होगा लाभ
वाराणसी। भटनी से औंड़िहार रेल खंड 117 किमी के दोहरीकरण के लिए 1177 करोड़ रुपये स्वीकृत है, जिसके तहत 12 बड़े पुल, 108 छोटे पुलों सहित अन्य यात्री सुविधाओं का सुनिश्चित कराना है। इस कार्य के पूरे होने से पूर्वाचल क्षेत्र, विशेषकर गाजीपुर परिक्षेत्र में नए व्यापार को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे इस क्षेत्र के विकास को और अधिक गति मिलेगी। भटनी और वाराणसी की दिशा से आने वाली ट्रेनों को क्राॅसिंग के लिए औड़िहार, माहपुर एवं सादात स्टेशनों पर ट्रेनों का ठहराव बढ़ेगा। साथ ही इस रेल खंड पर चलने वाली मालगाड़ियों के संचलन समय में भी कमी आएगी, जो व्यापारियों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।