चोचकपुर बाजार से निकलता बालू लदा ट्रेलर। संवाद
करंडा। चोचकपुर-धरम्मरपुर मार्ग पर बालू लदे ट्रेलरों की बेलगाम रफ्तार के आगे प्रशासनिक कार्रवाई बेअसर नजर आ रही है। पिछले डेढ़ वर्ष में कई दुर्घटनाएं होने और एक युवक की मौत के बावजूद ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों का संचालन बदस्तूर जारी है। इससे क्षेत्रीय लोगों में जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार धरम्मरपुर-जमानियां पक्का पुल से हाईट गेज बैरियर हटने के बाद इस मार्ग पर बालू लदे भारी वाहनों का आवागमन लगातार बढ़ गया है। तेज रफ्तार और ओवरलोड ट्रेलरों के कारण सड़क पर चलना जोखिम भरा हो गया है। आबादी वाले इलाकों और बाजारों से गुजरते समय भी चालक गति कम नहीं करते, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और दोपहिया वाहन चालकों पर हर समय दुर्घटना का खतरा मंडराता रहता है। 14 मई 2025 को लीलापुर नहर पुलिया के पास तेज रफ्तार बालू लदे ट्रेलर ने बाइक सवार लीलापुर निवासी लक्की निषाद को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना से आक्रोशित लोगों ने पीछे से आ रहे एक ट्रेलर में आग लगा दी थी। 22 फरवरी को नारायनपुर के पासबालू लदा ट्रेलर अनियंत्रित होकर पेड़ तोड़ते हुए सड़क किनारे खाई में पलट गया। हादसे में वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि चालक को गंभीर चोट नहीं आई थी। 28 मार्च को लीलापुर नहर पुलिया के पास तेज रफ्तार ट्रेलर की टक्कर से दामोदरपुर निवासी सूरज सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। 15 अप्रैल को चोचकपुर स्थित बरवां मोड़ पर बालू लदे ट्रेलर ने बाइक सवार मेदनीपुर निवासी विवेक राजभर को टक्कर मार दी थी। 18 मई को नारायनपुर मोड़ के पास अनियंत्रित बालू लदा ट्रेलर सड़क किनारे गहरे गड्ढे में पलट गया। हादसे में चालक को मामूली चोटें आईं, जबकि वाहन क्षतिग्रस्त हो गया।चोचकपुर-धरम्मरपुर मार्ग पर लगातार हो रहे सड़क हादसों के बाद परिवहन विभाग ने कार्रवाई तेज करने का दावा किया है। एआरटीओ धनवीर यादव के अनुसार दुर्घटनाओं के बाद अब तक 41 वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 17 वाहन चालकों को नोटिस जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि आगामी तीन दिनों तक पीटीओ के साथ विशेष अभियान चलाकर ओवरलोड और तेज रफ्तार वाहनों के खिलाफ सघन जांच की जाएगी। साथ ही पक्का पुल पर हाइट गेज बैरियर लगाने की प्रक्रिया भी शुरू कराई जा रही है, ताकि भारी वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित किया जा सके।