जिला जेल की व्यवस्थाएं बदली हैं। कड़ाई के साथ जेल मैनुअल का ध्यान दिया जा रहा है, इससे आम बंदी भी संतुष्ट बताए जा रहे हैं।
वहीं, जेल के कुछ बंदी यहां तक कहने लगे हैं कि उन्हें पहले से अच्छा खाना मिलने लगा है। दूसरी ओर सूत्रों की मानें तो ऐसे गुटबंदी करने वाले बंदियों और कैदियों को चिह्नित किया जा रहा है। माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और भी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।
जिला जेल में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। सभी बैरक में सघन तलाशी कराई जा रही है। संदिग्ध बंदियों से पूछताछ के बाद उन्हें हिदायत दी गई है कि वे जेल में अनियमित गतिविधियों से दूर रहें। हालांकि जेल में कोई जिम्मेदार कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। जिला और जेल प्रशासन की जांच में जो बातें सामने आई हैं, उस आधार पर कुछ और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो सकती है। इसमें वार्डेन भी शामिल हैं।
क्योंकि जांच में सामने आ चुका है कि जेल में कई कैदियों को वीआईपी ट्रीटमेंट दिया जा रहा था। पैसे लेकर सुविधाएं दी जा रही थीं। वहीं, जेल से जेल अधीक्षक, जेलर और एक डिप्टी जेलर के निलंबन और 16 बंदी-कैदी के चार जेलों में भेजने के बाद अभी और कार्रवाई हो सकती है। सूत्रों की मानें तो जिम्मेदारों और कुछ बंदी कैदी में सांठगांठ और गुटबंदी की बात सामने आ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए माना जा रहा है कि जल्द ही कुछ और बंदी दूसरे जेल में भी भेजे जा सकते हैं।