छात्र नेताओं का प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को जिला कारागार में बंद छात्र
नेताओं से मिला। जेल में बंद छात्र नेता निमेष पांडेय, संदीप राय, प्रदीप
और सचिदानंद ने छात्र नेता विवेकानंद पांडेय से बताया कि जिला कारागार में
उन लोगों की ओर से अनशन किया जा रहा है और यह आंदोलन तब तक चलता रहेगा, जब
तक पुलिस भर्ती में हुए घोटाले के सीबीआई जांच नहीं हो जाती और लाठीचार्ज
करने वाले दोषी पुलिसकर्मियों का निलंबन नहीं हो जाता है।
इसके बाद
छात्र नेता विवेकानंद पांडेय के नेतृत्व में रेलवे स्टेशन स्थित शिव मंदिर
परिसर में बैठक आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि अगर जिला प्रशासन की ओर से
48 घंटे के अंदर बंद छात्र नेताओं का मुकदमा वापस कर रिहा नहीं किया गया और
दोषी पुलिस अधिकारियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो 28 मार्च
पर लंका चौराहा पर चक्काजाम किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन प्रदेश सरकार के
इशारे पर नौजवानों की आवाज को दबाना चाहती है। इसे नौजवान कतई बर्दाश्त
नहीं करेगा। छात्रनेता छोटेलाल यादव ने कार्यक्रम को कामयाब बनाने की अपील
की। छात्र नेता रुद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने युवकों के साथ
छल किया है। इस मौके पर मोनू सिंह, मनोज सिंह यादव, अरविंद यादव, सुरेश,
संजय यादव, हर्षित द्विवेदी, नारायण पांडेय, राकेश यादव, रामसेवक यादव,
सत्येंद्र, बृजेश यादव, गुप्तेश्वर तिवारी, गोविंद तिवारी, रामध्यान बिंद,
आशुतोष, अमरजीत, अभिषेक कनौजिया, परवेज, हिमांशु, विपुल मिश्र उपस्थित थे।
छात्रसंघ उपाध्यक्ष अंकित राय के नेतृत्व में स्वामी सहजानंद स्थित
छात्रसंघ भवन में हुई बैठक में छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा की गई।
छात्रों पर दर्ज मुकदमा को वापस लेेने की मांग करते हुए वक्ताओं ने चेतावनी
दिया कि अगर मुकदमा वापस नहीं लिया गया तो छात्र सड़क पर उतरने को बाध्य
होंगे। इस मौके पर पूर्व महामंत्री ऋषभ, उपाध्यक्ष अंकित राय, अभिषेक राय,
रिशु प्रधान, आशुतोष राय, पवन राय, हिमांशु राय, अमित राय, अजय आदि उपस्थित
थे।