अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की ओर से रविवार को कलेक्ट्रेट स्थित शिवमंदिर परिसर में कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 136वीं जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस मौके पर सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रामधारी यादव ने प्रेमचंद के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रेमचंद हिन्दी और उर्दू के महानतम लेखकों में से एक थे। वह एक संवदेनशील लेखक थे।महासभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष मुक्तेश्वर श्रीवास्तव ने कहा कि प्रेमचंद ने आम आदमी को अपनी रचनाओं का विषय बनाया और समाज की विसंगतियों को अपनी रचनाओं में दर्शाया।
जिलाध्यक्ष अरुण कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि वह हिन्दी साहित्य के युग प्रर्वतक थे। उनकी प्रासंगिकता आज भी है। कायस्थ महासभा के कार्यकर्ताओं ने कथा सम्राट मंशी प्रेमचंद के चित्र पर माल्यापर्ण किया। इस मौके पर जितेंद्र घोष, पारस नाथ सिंह, गोरख प्रसाद सिन्हा, अशोक कुमार श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, विशेश्वर सिन्हा, परमानंद, अमर सिंह राठौर आदि मौजूद रहे। संचालन देवेंद्र श्रीवास्तव ने किया।
प्रेस क्लब एवं सामुदायिक रेडियो की ओर से कचहरी स्थित कार्यालय पर वर्तमान परिवेश में प्रेमचंद साहित्य की प्रासंगिकता कितनी विषयक गोष्ठी का आयोजन किया। गोष्ठी में डा. अनिल शर्मा ने कहा कि मुंशी प्रेमचंद ने अपने विचार एवं लेखन के जरिए तत्कालीन देश, समाज और व्यवस्था के प्रति जो बातें की, वह आज भी पूरी तरह प्रासंगिक हैं। सचिव शिवेंद्र पाठक ने कहा कि कथा सम्राट या शब्द शिल्पी ही नहीं, वरन अद्भुत समाज शिल्पी भी थे मुंशी प्रेमचन्द। डा. बीडी मिश्र ने भी विचार व्यक्त किए।
अध्यक्षता कर रहे अभय नारायण ने कहा कि प्रेमचन्द सही अर्थो म ें लोक जीवन के रचना कर्मी थे । इस मौके पर इरफान अली, मनीष मिश्र, कृपाकृष्ण, राजेश सिंह, शिवकुमार राय, श्रीराम राय, संजीव, दानिश आदि ने अपना विचार व्यक्त किया। संचालन अमितेश सिंह ने किया। अंत में प्रसिद्ध तबला वादक लच्छू महाराज एवं पत्रकार मनीष सिंह के पिता हवलदार सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। नन्दगंज संवाददाता के अनुसार अखिल भारतीय कायस्थ महासभा देवकली ब्लॉक की ओर से मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई।
अध्यक्ष रविन्द्र श्रीवास्तव ने कहा की मुंशी प्रेमचन्द अद्वितीय लेखक थे। मौके पर वृजेश श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार श्रीवास्तव आदि रहे। कासिमाबाद संवाददाता के अनुसार अखिल भारतीय कायस्थ सभा की ओर से कथा सम्राट मुंशी प्रेमचंद की जयंती मनाई गई। मौके पर त्रिलोकी लाल, विपिन बिहारी आदि रहे।