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मार्ग 8 वर्ष से बदहाल, कुछ दिन पहले लगा बोर्ड बनी है 25 करोड़ में

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करंडा क्षेत्र के चोचकपुर-गाजीपुर मुख्य मार्ग स्थित तुलापट्टी से लखनचंदपुर-करंडा होते हुए मेदनीपुर तक जाने वाली सड़क गड्ढे में तब्दील और आठ वर्ष से जर्जर है। जबकि कुछ दिन पूर्व मार्ग के करीब 25 करोड़ से निर्माण के बाद मरम्मत का कार्य बीते 31 मार्च तक कराने का विवरण सड़क के किनारे लगे बोर्ड पर दर्ज होना चर्चा का विषय बना है।
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ग्रामीणों ने बताया कि तुलापट्टी से जहां सड़क शुरू हो रही है, वहां कुछ ही दिन पूर्व प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का बोर्ड लगाया गया है। बोर्ड पर वर्ष 2017 में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत 5200 मीटर लंबी सड़क को चार मार्च 2016 से 31 मार्च 2017 तक बनवाना दिखाया गया है। सड़क के निर्माण में 2491.2 लाख रुपये की लागत के अलावा ठेकेदार का भी नाम लिखा हुआ है। साथ ही बोर्ड पर घास कटाई, पटरियों, पुलों और टूटी सड़कों की मरम्मत भी दिखाई गई है, जिस पर 31 मार्च 2022 तक का समय निर्धारित है।
जबकि स्थिति इसके ठीक उलट है, पूरी सड़क गड्ढे में तब्दील है और बारिश के बाद सड़क पर केवल पानी दिखता है। सबसे बड़ी बात यह है कि लखनचंदपुर में किसानों की फसल खरीद के लिए क्रय केंद्र बना है। सड़क से क्रय केंद्र तक अनाज ले जाने वाले किसानों को परेशानी होती है। कभी कभी अनाज भरी गाड़ी पलट जाती है, जिससे आवागमन रुक जाता है।
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मेदनीपुर, करंडा, बसंतपट्टी, बेदौली, सरयां और लखनचंदपुर गांव के लोगों को इस सड़क से तुलापट्टी तक ही जाने में मुश्किल होती है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह सड़क आज-तक कभी ऐसी नहीं बनी जिस पर आसानी से आवागमन हो सके। कई वर्षों से सड़क पर मरम्मत का कार्य भी नहीं कराया गया। जब पांच वर्ष पूर्व यह सड़क प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से बनी तो उसी समय बोर्ड क्यों नहीं लगा। यह सवाल लोगों के मन में उठ रहा है।
इस संबंध में निर्माण खंड दो के अधिशासी अभियंता जेपी यादव ने बताया कि ऐसा नहीं हो सकता कि सड़क बनी ही न हो। मरम्मत भी हुई होगी, लेकिन मार्च बीते पांच माह हो गया। सड़क खराब हो गई होगी। अब इस सड़क का रखरखाव प्रांतीय खंड के जिम्मे हैं।
सड़क पर गड्ढा भरने का काम करीब पांच-छह वर्ष पूर्व हुआ था, कुछ माह पूर्व सड़क निर्माण का बोर्ड लगा तब जानकारी हुई कि सड़क का निर्माण भी हुआ है।- रमेश दुबे, तुलापट्टी
सड़क के दोनों तरफ कुछ दूर तक एक फीट सड़क को चौड़ा किया गया। फिर सड़क पर हल्की गिट्टी डालकर रोलर चला दिया गया था। कभी सड़क ठीक से नहीं बनी।- घनश्याम दुबे, ब्राम्हणपुरा
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सड़क पर मरम्मत का कार्य पहले हुआ था, लेकिन गिट्टी डालक सड़क बनाए 10 वर्ष से भी अधिक समय हो गया।- अरूणेश पांडेय, करंडा
सड़क कभी बनी ही नहीं। सिर्फ मरम्मत के नाम पर कागजी कार्रवाई की गई है। सड़क अब तो चलने लायक भी नहीं है। - प्रिंस दुबे, प्रतापपुर
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