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एसपी ने डीजीपी व डीएम ने शासन को भेजी रिपोर्ट

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गाजीपुर/करंडा। सैदपुर कोतवाली के देवचंदपुर स्थित पेट्रोल पंप पर हुई किसान त्रिभुवन नारायण सिंह की हत्या से संबंधित रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा डीजीपी लखनऊ को भेजी गई है। इसके साथ ही जिला प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट शासन को भेजा है। घटना को लेकर उच्चाधिकारी गंभीर है। यही नहीं अपराधियों की धरपकड़ एवं कार्रवाई पर अधिकारियों की नजर गड़ी हुई है। दो नामजद आरोपियों पर घोषित 25-25 हजार रुपये इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार कर दी गई है। जबकि अब तक पुलिस टीम हत्या में प्रयुक्त वाहनों की शिनाख्त नहीं कर सकी है। लेकिन सैदपुर, करंडा, सादात और अन्य जनपद के अपराधियों के शामिल होने की बात पर पुलिस मोहर लगा चुकी है। बावजूद इसके पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा है।
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14 अक्तूबर को देवचंदपुर पेट्रोल पंप जिस निर्ममता से किसान की हत्या की गई। इसको शासन और उच्चाधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। शासन के निर्देश पर पूरे घटना की रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक लखनऊ तथा शासन को भेजी गई है। अपराधियों के खिलाफ चल रही कार्रवाई की प्रतिदिन की रिपोर्ट भेजने के साथ पल-पल की जानकारी तक दी जा रही है। लेकिन हकीकत यह है कि घटना के छठवें दिन भी गिरफ्तारी के नाम पर पुलिस के हाथ खाली हैं। जगह-जगह की दबिश व पूछताछ बेनतीजा है। अभी तक पुलिस हत्यारोपियों का कोई सुराग नहीं लगा पा रही है। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में अमन चैन रख पाने के मामले में पुलिस पूरी तरह फेल साबित हुई है। घटना के दूसरे ही दिन आईजी रेंज विजय सिंह मीना भी घटना स्थल पर पहुंचे थे। मौके का निरीक्षण कर आईजी ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने निर्देश भी दिया था। लेकिन नतीजा सिफर है।
दोनों नामजद आरोपियों के इनाम की राशि बढ़ाकर 50-50 हजार रुपये कर दी गई है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिलेगी। - गोपीनाथ सोनी, एसपी सिटी
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झारखंड और बिहार से खाली हाथ लौट रही टीम
मौधा। हत्याकांड में शामिल शातिर अपराधियों की धर-पकड़ के लिए पुलिस टीम झारखंड एवं बिहार कई दिनों तक खाक छानने के बाद वापस लौट आई। ऐसे में पुलिस अब अन्य प्रांतों और जिलों की पुलिस से संपर्क में रहने के साथ पोस्टर लगाकर हत्यारोपियों को गिरफ्तार करने में जुटी हुई है, लेकिन सफलता हाथ नहीं लग सकी है। जबकि देवचंदपुर पर में ऐसी घटना की पुर्नवृत्ति न हो इसके लिए पिकेट स्थापित कराया जाएगा।
पुलिस की लापरवाही आई सामने
मौधा। आखिरकार देवचंदपुर गांव स्थित पेट्रोल पंप पर तैनात पुलिस कर्मियों की लापरवाही शनिवार को उजागर हो ही गई। लोगों ने बताया कि त्रिभुवन सिंह हत्याकांड के बाद शनिवार को शाम सात बजे के बाद पंप पर तैनात पुलिस टीम अचानक गायब हो गई। लगभग नौ बजे तक परिसर भगवान के भरोसे ही रहा। तभी इसका संज्ञान एसपी सिटी गोपीनाथ सोनी ने लिया और सैदपुर इंसपेक्टर को तुरंत रडार पर लिया। तब कहीं जाकर हांफते डांफते हुए चार पुलिस कर्मी पंप पर पहुंचे। एसपी सिटी ने बताया कि इसके अलावा दूसरी टीम पीडि़त के घर पर तैनात है। जबकि लगभग दस जवानों की टीम गांव में लगातार गश्त कर रही है।
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