गहमर। स्थानीय रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से इस्लामपुर दिल्ली मगध एक्सप्रेस, जयनगर आनंद बिहार गरीब रथ एक्सप्रेस एवं कामाख्या भगत की कोठी एक्सप्रेस का ठहराव नहीं हो रहा है। स्टेशन पर पुनः ठहराव शुरू करने के लिए गहमर रेल ठहराव समीति एवं भूतपूर्व सैनिक संगठन का अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रहा।
ठहराव समिति एवं भूतपूर्व सैनिक संगठन के सचिदानंद उपाध्याय ने कहा कि गहमर रेलवे स्टेशन से गहमर, शायर, भतौरा, खुदरा, गदाईपुर, वीरपुर, नगदिलपुर, कुतुबपुर, मंगरखाई के लगभग 300 सैनिक, अर्ध सैनिक और पुलिस के जवान देश के विभिन्न भागों में जाने के लिए ट्रेन पकड़ने गहमर आते जाते रहते हैं। बावजूद गहमर स्टेशन से देश के पूर्वोत्तर एवं राजस्थान जाने के लिए भगत की कोठी का ठहराव खत्म कर दिया गया। गहमर रेलवे स्टेशन पर हिमगिरी समेत कई ट्रेनों की मांग चल ही रही थी कि ठहरने वाली ही ट्रेन का ठहराव खत्म कर दिया गया। सैनिकों की लड़ाई अब पूर्व सैनिक लड़ रहे हैं और अब यह लड़ाई आर पार की होगी।
रेल पुन: ठहराव समिति के आयुष उपाध्याय ने कहा कि गहमर रेलवे स्टेशन पर ठहराव खत्म करने के पीछे रेलवे मानकों की बात करता है, लेकिन उसके मानक कैसे होते हैं इसका उदाहरण कल देखने को मिला जब उसने एक हाल्ट स्टेशन को दो मिनट स्टेशन का दर्जा देकर जन शताब्दी जैसी ट्रेन जो एक जिले में एक जगह रूकती है उसका ठहराव दे दिया गया। जबकि एक ऐसा स्टेशन जहां मुख्य ट्रेनों के ठहराव के आभाव में भी 45- 55 रुपये प्रतिदिन काउंटर बिक्री है। ट्रेनों के ठहराव को खत्म कर दिया और तीन साल आंदोलन के बाद भी ट्रेन नहीं दिया। पूर्व क्षेत्र पंचायत सत्येंद्र सिंह ने कहा कि रेलवे के खिलाफ चार अक्तूबर को शाम चार बजे गहमर रेलवे स्टेशन पर उसकी बुद्धि शुद्धि यज्ञ डा. राजकुमार तिवारी द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर रेल पुनः ठहराव समीति के सुधीर सिंह, ओमप्रकाश भूतपूर्व सैनिक चंदन सिंह, टींकू सिंह, सोहन सिंह, अजय सिंह सिकरवार, राम जी सिंह, सुनील सिंह, मनोज सिंह, भरत सिंह आदि मौजूद रहे।