उत्पाद शुल्क के विरोध में सर्राफा व्यापार मंडल आस्तीन चढ़ाए हुए है। रविवार को सर्राफा एवं स्वर्ण कारीगरों के घर की महिलाओं ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ हुंकार भरी। इस दौरान केन्द्र सरकार और वित्त मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर चीतनाथ स्थित धरनास्थल पर आयोजित सभा में मंजूलता ने कहा कि उत्पाद शुल्क लगाकर सरकार सर्राफा व्यवसायियों का उत्पीड़न कर रही है। कहा कि सरकार सर्राफा व्यवसायियों के धैर्य की परीक्षा ले रही है। सर्राफा व्यवसायियों के लोकतांत्रिक विरोध को हल्के में न ले। शोभा वर्मा ने कहा कि केन्द्र की सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न कर रही है। अगर उत्पाद शुल्क वापस नहीं लिया गया तो सर्राफा व्यापारी खामोश नहीं बैठेंगे। कहा कि इसके विरोध में कारोबार बंद होने से कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रमिला ने कहा कि सरकार को सर्राफा व्यवसायियों के हितों का ख्याल रखना चाहिए। कंचन वर्मा ने कहा कि केन्द्र की सरकार व्यापारियों का उत्पीड़न करने पर तुली हुई है। केन्द्र सरकार को सर्राफा कारोबारियों की हड़ताल को समाप्त करने के लिए जल्द से जल्द पहल करनी चाहिए। धरना सभा में सरोज देवी, रिंकी देवी, रेखा वर्मा, पिंकी वर्मा, शांति, कुसुम, ममता श्रीवास्तव, सरिता श्रीवास्तव, कुसुम तिवारी, ऊषा वर्मा, शीला एवं सीमा ने विचार व्यक्त किया। संगठन के अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद वर्मा ने बताया कि 26 मार्च को आजमगढ़ की मीटिंग में तय हुआ कि 10 अप्रैल तक सभी सर्राफा एवं स्वर्ण कारीगर अपनी दूकान को बंद रखेंगे। सभा की अध्यक्षता शैल वर्मा और संचालन अनूप वर्मा एवं संतोष वर्मा ने संयुक्त रूप से किया।