जम्मू कश्मीर पुलिस के जवान हथियारों की ट्रेनिंग लेता हुआ
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अभी कुछ दिन पहले ही लखनऊ में उन्होंने अपना घर बनवाया था। गांव पर उनकी मां रजवंती देवी और बड़े भाई ददबल यादव और उनका परिवार रहता है। कुछ माह बाद ही सेवानिवृत्त होने वाले थे। ग्रामीणो में शासन प्रशासन को लेकर भारी आक्रोश व्यक्त किया। उनका कहना था कि शहीद सैनिक के पार्थिव के साथ न कोई सेना का जवान आया और न ही पार्थिव शरीर को सेना के वाहन से भेजा गया। हालांकि सीओ भुड़कुड़ा, जखनिया एसडीएम और कई थानों की पुलिस मौजूद रही। परिजनों ने बताया कि शहीद सैनिक सुबेदार रामबचन यादव ने कागजों में अपना वर्तमान पता लखनऊ ही लिखवाया था। सैन्य अधिकारी पार्थिव शरीर जम्मू-कश्मीर से लखनऊ ले आए और वहां सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी। परिजन पार्थिव शरीर पैतृक गांव लाना चाहते थे। ऐसें सैन्य अधिकारियों ने पार्थिव शरीर पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद पुलिस के जवान पार्थिव शरीर लेकर पैतृक गांव पहुंचे। जवान का अंतिम संस्कार चोचकपुर घाट हुआ।
जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए सदर विधायक
गाजीपुर। कुकुड़ा गांव निवासी सेना के जवान शहीद रामवचन यादव के अंतिम संस्कार के दौरान उनकी शवयात्रा में सपा के जिलाध्यक्ष गोपाल यादव और सदर विधायक जै किशन साहू के साथ क्षेत्रीय लोग शामिल हुए। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने शहीद के शव पर श्रृद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि गाजीपुर शहीदों की धरती रही है। जब जब इस देश को जरूरत पड़ी है, नौजवानों ने अगली कतार में खड़े होकर अपने लहू से इस देश की धरती को सींचने और ससंवारने का काम किया है। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य देवेंद्र यादव टिंकु, रामज्ञान यादव प्रधान, मनोज यादव, पूर्व प्रमुख धर्मदेव यादव, सूर्यमणि यादव, रमाशंकर यादव आदि मौजूद रहे।