गाजीपुर। रेलवे लाइन में लगने वाले फीस्पलेट, ब्रिज में लगने वाले नट बोल्ट और अन्य प्रकार के लोहे की निगरानी करने वाले ही मिलकर चोरी करते थे। हालांकि एक क्विंटल नट बोल्ट और अन्य प्रकार के लोहे के सामान बरामद हुए हैं। इसकी कीमत दस हजार आंकी जा रही है, जिसे महज तीन हजार में स्थानीय कबाड़ी को बेचा गया था। हालांकि अभी और भी सामान चोरी होने की शंका जाहिर की जा रही है। वहीं दूसरी ओर मुख्य आरोपी फिलहाल फरार है, जबकि गिरफ्तार किए गए दो चौकीदारों और एक कबाड़ी को 14-14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
रेलवे इंजीनियरिंग विभाग और आरवीएनएल/जीपीटी कंपनी से आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार राय को सूचना दी गई की गंगा ब्रिज के पास से रेलवे लाइन में लगने वाले फीस्पलेट, ब्रिज में लगने वाले नट बोल्ट और अन्य प्रकार के लोहे चोरी हो गए हैं। जांच में मुखबिर के जरिए पता चला कि गंगा नदी पर बन रहे रेलवे ब्रिज का कार्य आरवीएनएल द्वारा जिस जीपीटी कंपनी को दिया गया है उसके सभी चौकीदार ही आपसी मिलीभगत से रेल और रेल कंपनी का लोहा चुराकर लकड़ी के टाल इलाके में विकास नाम के व्यक्ति की कबाड़ी की दुकान पर बेचते हैं। वे रेलवे का लोहा और गंगा ब्रिज में इस्तेमाल होने वाले लोहे को मोटरसाइकिल पर लाकर कबाड़ी को बेचते हैं। जहां छापा मारने पर रेलवे लाइन में प्रयोग होने वाला फीस्पलेट और रेलवे ब्रिज में प्रयोग होने वाला काफी मात्रा में लोहा आदि बरामद हुआ। इसका कुल वजन एक क्विंटल है। पूछताछ में पता चला कि दस हजार का सामान तीन हजार रुपये में किलो के हिसाब से बेचा गया है। इसपर काफी मात्रा में माल जब्त करते हुए विकास कुमार निवासी मार्किनगंज थाना कोतवाली को गिरफ्तार किया गया। साथ ही कबाड़ी की निशानदेही पर रेलवे गंगा ब्रिज के नीचे स्थित जीपीटी कंपनी के चौकीदार राजकुमार यादव निवासी रेवतीपुर, असरफुल निवासी खेजुरतला थाना शमशेरगंज जिला मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल को गिरफ्तार किया गया। जबकि एक अन्य चौकीदार गोपाल शर्मा फरार है, जो बिहार का रहने वाला है। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक के मुताबिक फरार चौकीदार की गिरफ्तार के बाद पूरी मामला सामने आ पाएगा। फिलहाल, गिरफ्तार दोनों चौकीदार और कबाड़ी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से तीनों को न्यायिक अभिरक्षा में 14-14 के लिए जेल भेज दिया गया है।