गंगौली गांव स्थित बदहाल जच्चा-बच्चा केंद्र। संवाद
कासिमाबाद क्षेत्र के गंगौली गांव में करीब दो दशक पहले ग्रामीण महिलाओं को गांव में ही स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाया गया जच्चा-बच्चा केंद्र आज बदहाली का शिकार है। भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है, बाउंड्रीवाल टूट गई है और परिसर में झाड़ियां व कूड़े के ढेर लगे हैं। केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं वर्षों से बंद होने के कारण करीब 10 हजार की आबादी, विशेषकर गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए दूसरे स्वास्थ्य केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव से कासिमाबाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की दूरी करीब पांच किलोमीटर है, जबकि अलावलपुर और जहूराबाद उपकेंद्र लगभग चार-चार किलोमीटर दूर हैं। ऐसे में प्रसव और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के लिए महिलाओं को काफी परेशानी उठानी पड़ती है।
ग्रामीण नन्हकी देवी, रामवती देवी, रसुनी देवी, तबस्सुम, ताज मोहम्मद और अकील अंसारी ने बताया कि लंबे समय से केंद्र पर नियमित स्वास्थ्य सेवाएं बंद हैं। टीकाकरण जैसी सेवाएं भी अब आशा कार्यकर्ताओं के माध्यम से गांव में ही संचालित की जा रही हैं। पूर्व ग्राम प्रधान नंदू राजभर ने बताया कि केंद्र को दोबारा संचालित कराने के लिए कई बार प्रयास किए गए। एक बार महिला चिकित्सक की तैनाती भी हुई, लेकिन बाद में स्वास्थ्यकर्मियों का आना बंद हो गया। इसके बाद भवन लगातार जर्जर होता चला गया।