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Ghazipur News: समितियों पर ताले जो खुले वहां खाद नदारद

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रेवतीपुर ब्लाक क्षेत्र के साधन सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध न होने और उनके बंद होने के कारण किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। रबी के मौसम में खेतों में बोई गईं फसलों के लिए जरूरी यूरिया, डीएपी, जिंक आदि बाजार में निजी दुकानों से महंगे दामों पर खरीदने के लिए विवश होना पड़ रहा है। बावजूद जिम्मेदार अपने दायित्वों के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
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ब्लाक क्षेत्र में कुल नौ साधन सहकारी समितियां हैं। लेकिन इनमें से चार ही संचालित हो रही हैं। इसमें डेढगावां, सुहवल और नगसर एक नंबर चालू है। जबकि नवली, अठहठा, रेवतीपुर, नगसर नंबर दो, गोंहदा एवं ताड़ीघाट कर्मचारियों की कमी एवं किसानों के दिए गए खाद बीज के भारी भरकम बकाए की वसूली न होने के चलते बंद हैं।
क्षेत्रीय किसानों ने बताया ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को सहूलियत देने के लिए सहकारी साधन समिति से किसानों को बीज और खाद उचित मूल्य पर उपलब्ध कराने के लिए दशकों पहले ये समितियां खोली गई थी। लेकिन अधिकांश समितियां उपेक्षा के कारण जहां जर्जर हो चुकी हैं, वहीं कइयों पर ताला लटक चुका हैं।
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किसानों का आरोप है कि अधिकारी एवं क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि समिति की ओर विशेष ध्यान नहीं देते हैं, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई हैं। किसानों ने बताया कि इन समितियों से दर्जनों गांव के सैकड़ों किसान जुड़े हैं।
जिस तरह से किसानों की उपेक्षा की जा रही है, वह ठीक नहीं हैं, अधिकारियों की उदासीनता के कारण समितियां अब धीरे धीरे बंद होने लगी हैं। विवशता में बाजार से महंगे दाम पर खाद बीज खरीदना पड़ता हैं।- गोरखनाथ
अगर महकमे के द्वारा इसको लेकर तत्परता दिखाई जाती तो शायद आज यह समितियों से किसानों को अच्छे किस्म के खाद बीज उपलब्ध होते, लेकिन उदासीनता के कारण यह अब महकमे की शोभा बढ़ा रही हैं।- देवनाथ पाल
साधन सहकारी समितियों को अगर चालू रखना है तो इसको लेकर गंभीरता से जिम्मेदारों को सोचना होगा एवं किसानों की सहूलियत के लिए बंद पड़े समितियों को चालू करना होगा।- नागेंद्र यादव
समितियों के बंद होने से किसानों को बाजार से महंगे दाम पर खाद बीज खरीदना पड़ता है। समय से फसलों में खाद न पड़ने से उत्पाद प्रभावित होता हैं।- बृजनाथ
कर्मचारियों की नई भर्ती न होने और किसानों से बकाए की वसूली न होने के कारण छह साधन सहकारी समितियां बंद है। वर्तमान समय में तीन समितियां डेढगावां, सुहवल व नगसर एक नंबर चालू हैं। -माधुरी आनंद, शाखा प्रबंधक सुहवल जिला सहकारी को- आपरेटिव बैंक लिमिटेड
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