संवाददाता
सुहवल। थाना क्षेत्र के मेदिनीपुर गांव निवासी एवं टेरिटोरियल आर्मी के 120 वीं बटालियन में बिहार रेजीमेंन्ट में कर्नल के पद पर तैनात योगेश कुमार गौतम का पार्थिव शरीर रविवार को उनके पैतृक गांव पहुंचते ही चीख पुकार मच गई। गार्ड आफ आनर एवं शस्त्र सलामी के बाद शहर के श्मशानघाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मेदिनीपुर गांव निवासी एवं टेरिटोरियल आर्मी के 120 वीं बटालियन में बिहार रेजीमेंन्ट में कर्नल के पद पर तैनात योगेश की वहां पर सड़क हादसे में शुक्रवार को मौत हो गई थी। उनका शव शनिवार की देर शाम भारतीय वायु सेना के विशेष विमान से वाराणसी स्थित बाबतपुर हवाई अड्डा पर लाया गया।
यहां से उनका शव रविवार को उनके गांव लाया गया। शव आते ही जहां घर में कोहराम मच गया, वहीं अंतिम दर्शन के लिए गांव के लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। अंतिम दर्शन के लिए शव को रखा गया। लोगों ने अश्रुपूरित नेत्रों से उन्हें अंतिम विदाई दी। इसके बाद उनकी शव यात्रा पैदल ही गांव से गाजीपुर स्थित श्मशानघाट पर पहुंची। घाट पर पहुंचने के बाद वहां पहले से ही मौजूद सैन्य बैंड दस्ता द्वारा मातमी धुन बजाई गई।
सैनिक रीति-रिवाज के अनुसार पहले गार्ड आफ आनर दिया गया, उसके बाद दर्जनों राउण्ड हवा में गोलियां चलाकर शस्त्र सलामी दी गई। मुखाग्नि बड़े भाई रत्नेश कुमार गौतम ( ज्वाइंट डायरेक्टर श्रम मंत्रालय भारत सरकार) ने दी। शव यात्रा में दर्जनों लोग मौजूद थे। गार्ड आफ आनर एवं शस्त्र सलामी का नेतृत्व 92 बटालियन वाराणसी के ग्रुप कमांडर एवं ब्रिगेडियर बीएस ठक्कर ने किया।
कर्नल के शव के साथ उधमपुर से सूबेदार बीके सिंह आये थे। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में चौथी कोर के कर्नल नीलेश आनंद, भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं पायलट संजीव कवर, बिहार रेजीमेंन्ट के कर्नल एनके चक्रवर्ती, कर्नल नितिन माधवन, सूबेदार मेजर केशव कुमार मिश्रा, पंचायती राजमंत्री प्रतिनिधि एवं पूर्व ब्लाक प्रमुख वीरेन्द्र यादव, समाजसेवी दीपक सिंह, कमलेश प्रकाश सिंह, अनिल यादव, ढिन्ना सिंह, रामवचन यादव, रूद्रप्रताप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता रणजीत सिंह आदि शामिल थे।
यात्रा में शामिल लोगों में इस बात की चर्चा होती रही कि शव यात्रा में घर से लेकर घाट तक जिला प्रशासन का एक भी प्रतिनिधि नजर नहीं आया। एकमात्र प्रशासन के प्रतिनिधि वाराणसी के आईजी जोन के कार्यालय से अखिलेश कुमार यादव उपस्थित थे।