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Ghazipur News: पुलिस-प्रशासन की जांच में जेल में हुए खेल होगा भंडाफोड़

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जिला जेल में प्राइवेट नंबर से कॉलिंग करने का भंडाफोड़ जल्द हो सकता है। जिला पुलिस और प्रशासन की जांच में साफ हो गया है कि जेल के अंदर बंदी ही इस खेल में कुछ जिम्मेदारों की खुशामद करके खेल रहे थे। पांच से 20 रुपये प्रति मिनट तक का शुल्क देने वाले इसका लाभ उठाते रहे, जिसका जल्द ही भंडाफोड़ हो सकता है। इधर, जिला पुलिस और प्रशासन की जांच भी करीब-करीब पूरी हो गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दो-तीन दिनों में शासन को रिपोर्ट भेज दी जाएगी। इसके बाद बड़ी कार्रवाई होने की संभावना है।
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बिहार में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का सरगना विनोद गुप्ता पर जेल के अंदर से फोन करने के मामले की जांच से जेल प्रशासन की व्यवस्था कटघरे में आ गई है। शिकायत करने वाले की ओर से दिए गए मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस से ट्रेस कर लिया। साथ ही मुकदमा दर्ज कराते हुए सिमकार्ड धारक को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसने कई राज उजागर किए। सूत्रों के मुताबिक उसके रिश्ते में का भाई लगने वाला भी एक मामले में जेल में है। वह जेल में बंद अपने रिश्ते में लगने वाले भाई के कहने पर सिम खरीदकर घरेलू सामान के साथ जेल के अंदर घटना के दो-तीन दिन पहले ही मुलाकाती के तौर पर पहुंचवा दिया था। हालांकि अभी सिमकार्ड जांच टीम के हाथ नहीं लग पाया है, जिससे उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। फिलहाल पुलिस ने उसके खिलाफ धारा 151 के तहत कार्रवाई की है। मामले में पुलिस-प्रशासन की जांच करीब-करीब पूरी हो गई है। बताया जा रहा है कि जेल के अंदर डिवाइस में सिम लगाकर बात कराई गई है। जांच के दौरान ऐसा कराने वाले कुछ बंदियों का नाम भी सामने आया है, जो जेल में ही कुछ जिम्मेदारों के करीबी बने हुए हैं और इस तरह का कार्य को अंजाम दे रहे हैं। इसमें एक तो लंबे समय से जेल में बंद है। वहीं, जेल विभाग के मुख्यालय से भी मामले जांच बैठा दी गई है। इसे लेकर जेल प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। जेल के एक अधिकारी तो अवकाश पर भी चले गए हैं। एसपी डाॅ. ईरज राजा ने बताया कि अभी जांच चल रही है। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसे शासन को रिपोर्ट बनाकर भेजा जाएगा।
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