गाजीपुर का विकास नियोजित तरीके से किया जाएगा। इसके लिए महायोजना 2031 तैयार की जा रही है। जिला रायफल क्लब में बुधवार को हुई बैठक में महायोजना के प्रारूप पर विचार किया गया। जीर्ण हो चुके प्रशासनिक भवनों के दफ्तर कचहरी परिसर की खाली जमीन पर बनाने का निर्ण? लिया गया। इसके लिए नगर विकास शुल्क से प्राप्त धनराशि खर्च की जाएगी। शहर के चौराहे सुंदर बनाए जाएंगे और डिवाइडर भी बनेगा।
अध्यक्षता कर रहे जिलाधिकारी डा. अशोक चंद्र ने कहा कि विनियमित क्षेत्र की महायोजना (1985-2001) की समय सीमा समाप्त हो गई है। इसके बाद सहयुक्त नियोजक संभागीय नियोजन खंड, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग वाराणसी के सहयोग से नई महायोजना 2031 का प्रारूप तैयार किया गया है। सहयुक्त नियोजक कार्यालय वाराणसी से आए विशाल भारती की मौजूदगी में महायोजना पर आपत्ति और सुझावों पर चर्चा की गई। उन्होंने बताया कि
विनियमित क्षेत्र में अवैध निर्माण पर लगने वाले शमन की दर के संशोधन पर भी विचार किया जाना जरूरी है। बैठक में कचहरी कम्पाउंड में ही खाली पड़ी जमीन पर विकास शुल्क मद से कार्यालय भवन का निर्माण करने का निर्णय सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया। इसके अलावा महुआबाग चौराहे से मिश्र बाजार तिराहे तक डिवाइडर बनाने और चौराहों को सुंदर बनाने पर भी चर्चा की गई। महायोजना के बारे में प्रचार किया जाएगा और आपत्ति एवं सुझाव लिए जाएंगे। उपजिलाधिकारी सदर नेहा प्रकाश, नगर पालिका के प्रशासक एके सिंह, नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग वाराणसी के विशाल भारती, सहायक वास्तुविद नगर नियेाजन एवं रामीश कुमार, सहायक सांख्यिकी अधिकारी, अधिशासी अभियन्ता लोकनिर्माण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के अधिकारी, अवर अभियंता नियत प्राधिकारी बीएल श्रीवास्तव, नरेद्र सिंह आदि अधिकारी उपस्थित थे।