बाढ़ प्रभावित अठहठा में बुधवार को नाव डूबने की घटना से सभी हतप्रभ है। करीब दो दर्जन लोगों को लेकर नाव एकाएक कैसे डूब गई, इसको लेकर सवाल उठ रहे हैं। इसमें सबसे बड़ा सवाल नाव के आकार को लेकर उठाया जा रहा है। आखिर अठहठा जैसे टापू बने गांव को मझौली आकार की नाव क्यों दी गई। जबकि प्रशासन की तरफ से लगातार बाढ़ प्रभावित गांवों को बड़ी नाव मुहैया कराने का निर्देश दिया जा रहा है।
अठहठा के ग्राम प्रधान अशोक कुमार यादव का कहना है कि दस दिन पहले मां कामख्या स्थान पर बैठक के दौरान तहसीलदार से दो बड़ी नाव की मांग की गई थी। रात भर वहां प्रतीक्षा के बाद एक मझौली आकार की नाव मुहैया कराई गई। उन्होंने बताया कि गंगा की धार में मझौली नाव असंतुलित हो जाती है। नौली से गांव की तरफ लौटने के दौरान पानी में सांप दिखाई दिया। जिससे नाव पर सवार बच्चे और लोग इधर-उधर होने लगे। इससे नाव डगमगाने लगी और करीब 25 फीट गहरे पानी में समा गई।