बच्चे का गलत टीकाकरण करने के एक मामले में मानवाधिकार संगठन के सदस्यों ने बच्चे के अभिभावकों के साथ सीएमएस विनीता जायसवाल से गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्हें बताया कि 15 दिन के बच्चे को बीसीजी का
टीका लगाना था, जबकि एएनएम ने बीसीजी के साथ ही डीपीटी का टीका भी लगा दिया, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। सीएमएस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
संगठन के जिलाध्यक्ष मदन मोहन सिंह राजू ने सीएमएस को अवगत कराया कि शहर के नुरुद्दीनपुर निवासी वहीद आलम के 15 दिन के पुत्र को बीसीजी के साथ ही डीपीटी का टीका लगा दिया गया था, जिससे बच्चे की हालत बिगड़ गई। इस
संबंध में जब एएनएम से पूछा गया तो उसने बताया कि गलती हो गई है। कहा कि अस्पताल के कर्मियों के लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिस बच्चे को एक साथ बीसीजी और डीटीपी का टीका लगाया गया है,
उसकी हालत बिगड़ने से परिवार के लोग परेशान हैं। हालत ठीक कराने के लिए उसका प्राइवेट अस्पताल में उपचार कर रहे हैं। अगर हालत नहीं सुधरी तो मानवाधिकार संगठन को अस्पताल प्रशासन के खिलाफ आंदोलन करने को विवश होंगे।
सीएमएस ने टीम के सदस्यों को भरोसा दिलाया कि संबंधित एएनएम के खिलाफ कार्रवाई करते हुए इस बात की हिदायत दी जाएगी कि भविष्य में ऐसी गलती न हो। सीएमएम से मिलने वालों में जिला सचिव अमित अग्रहरि, जिला उपाध्यक्ष
संदीप अग्रहरि, जिला उपाध्यक्ष विनय तिवारी, रविकांत तिवारी, मयंक तिवारी, तनवीर अंसारी, नगर महासचिव संजय वर्मा, वागिश अग्रहरि आदि शामिल थे।